राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से रविवार को पथ संचलन हुआ। गाजे-बाजे के साथ निकले आरएसएस कार्यकर्ताओं का जगह-जगह स्वागत हुआ। इस दौरान वंदे मातरम और भारत माता की जयकारे से शहर गूंज उठा। इससे पहले सभी कार्यकर्ता जीआईसी मैदान में एकत्र हुये।
मुख्य अतिथि अखिल भारतीय बौद्विक प्रमुख स्वांत रंजन ने सभी स्वयं सेवकों को राष्ट्र के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। कहा कि आरएसएस का एक मात्र उद्देश्य राष्ट्र को विश्व गुरु बनाना है।
मनुष्य को सबसे पहले स्वस्थ रहना चाहिए। इसकी चिंता करनी चाहिए और मन लगाकर काम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद कहते थे कि जिस दिन हिंदू समाज को अपनी शक्ति की पहचान हो जाएगी, उस दिन भारत में किसी भी प्रकार की शक्ति का अभाव नहीं होगा।
उसका चरित्र बदल जाएगा। भारत वर्ष एक राष्ट्र है और वह हिंदू राष्ट्र है। डॉ. हेडगेवार ने कहा है कि हिंदू संस्कृति है, जो सुख, समृद्धि ला सकती है। संघ सम्पूर्ण समाज को मानता है। उनकी सहायता करता है।
इसके बाद पथ संचलन प्रारंभ हुआ, जो जीआईसी से प्रारंभ होकर अस्पताल चौराहा, कैनाल रोड, डिग्री कॉलेज चौराहा, घंटाघर, खोया मंडी, बस स्टेशन होते हुए जीआईसी मैदान में आकर समाप्त हुआ। पथ संचलन में महाराणा प्रताप, शिवाजी और भारत माता की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही।
इस मौके पर क्षेत्र प्रचारक राजकिशोर, विभाग संघ चालक अमरेश, जेडी द्विवेदी, अम्बेश, गया प्रसाद मौजूद रहे।