रायबरेली में सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते व्यापारी।
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एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सोमवार को व्यापारियों की सामूहिक बंदी का मिला-जुला असर रहा। सिर्फ सराफा की दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार पर भड़ास निकाली। कहा कि सराफा व्यापारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं कपड़ा व किराना समेत अन्य दुकानें खुली रही। वहीं व्यापारियों का दावा है कि बंदी पूरी तरह से सफल रही। एक महीने से अधिक समय से सराफा व्यापारी एक्साइज ड्यूटी के विरोध में हड़ताल पर चल रहे हैं।
सोमवार को सराफा संघ के समर्थन में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बंदी का समर्थन किया था। सुबह कैपरगंज में सराफा की दुकानें बंद दिखी। वहीं कपड़ा व किराना समेत अन्य दुकानें खुली रही।
ऐसे में बंदी का मिला-जुला असर रहा। कैपरगंज में व्यापारी एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सराफा संघ के अध्यक्ष प्रदीप त्रिवेदी ने कहा कि एक्साइज ड्यूटी लगाने का फैसला केंद्र सरकार वापस नहीं ले रही है। इस पर चुप नहीं बैठा जाएगा।
व्यापारी नेता आशीष द्विवेदी, सतीश वर्मा, शत्रोह्न सोनकर ने व्यापारियों पर थोपे जा रहे एक्साइज ड्यूटी को केंद्र सरकार का काला कानून बताया। कहा कि देश की जनता के साथ-साथ केंद्र सरकार व्यापारी समाज को ठगने का कार्य कर रही है। इस मौके पर मनोज दुबे, मुर्शरफ खान, जितेंद्र सिंह, अखिलेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।