बैंकों की खराब प्रगति को देखकर प्रभारी डीएम ने नाराजगी जताई और लक्ष्य को पूरा करने के आदेश दिए। इसमें लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
समीक्षा में पाया गया कि वार्षिक ऋण योजना 2015-16 के प्रथम त्रैमास सितंबर 2015 की समाप्ति पर पूर्ति का प्रतिशत 38.76 प्रतिशत है।
फसली ऋण एवं किसान क्रेडिट कार्ड के तहत सितंबर 2015 तक 32269 पत्रावलियों में ऋण स्वीकृत करके वितरित किया गया। सितंबर 2015 तक 412 खातों में 2 करोड़ 47 लाख 97 हजार की वसूली की गई।
मत्स्य पालन योजना के तहत 43 प्रेषित पत्रावलियों के सापेक्ष 14 पत्रावलियों में ऋण स्वीकृत किया गया। कामधेनु योजना में तीन के सापेक्ष दो में, मिनी कामधेनु योजना में 20 के सापेक्ष 20 में तथा माइक्रो कामधेनु योजना में 30 के सापेक्ष पांच पत्रावलियों में ऋण स्वीकृत किया गया।
बैठक में परियोजना निदेशक इंद्रसेन सिंह, सीवीओ डॉ. केके चौधरी, जिला कृषि अधिकारी सतीश पांडेय एवं विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।