रायबरेली। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को पहली बार पित्त की थैली का ऑपरेशन किया गया जो सफल रहा। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने खुद ये सर्जरी की। पित्त की थैली बेहद सूजी मिली। तीन एमएम से अधिक वाहन के स्टोन को बाहर किया गया। सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
गैस के साथ ही पेट में असहनीय दर्द होने के बाद 42 वर्षीय महिला ने सीएमएस से ओपीडी में संपर्क किया। आशंका होने पर सीएमएस ने सभी जांचें कराई। अल्ट्रासाउंड जांच में महिला की पित्त की थैली में स्टोन मिला। इसके अलावा पित्त की थैली भी पूरी तरह से संक्रमित मिली। सभी जांचें करवाने के बाद बृहस्पतिवार को पित्त की थैली का सफल ऑपरेशन किया गया।
सीएमएस व सर्जन डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि मामला काफी क्रिटिकल था, लेकिन पित्त की थैली की सर्जरी सफल रही। पित्त की थैली पूरी तरह से संक्रमित होने के कारण समय से सर्जरी न की जाती तो बड़ी समस्या हो सकती थी। सर्जरी के बाद महिला पूरी तरह से स्वस्थ है।