वोट का अधिकार और गांव के विकास की चाहत मतदान केन्द्र तक खींच लायी। सभी ने कहा कि इसी वोट से अच्छे नेता का चुनाव होता है, जो विकास की रूपरेखा तय करता है।
डलमऊ ब्लॉक क्षेत्र का मतदान केंद्र भागीरथी इंटर कॉलेज मुराईबाग में यहीं की रहने वाली रामकली वैसे तो चलने फिरने से लाचार हैं, उनका नाती रामकली को गोदी में लेकर वोट डलवाने के लिए बूथ ले गया।
रामकली वोट डालने क्यों आई के सवाल पर जवाब था कि वोट डालने से क्षेत्र का विकास होगा। सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के लखनापुर मतदान केंद्र पर निशक्त होने के बावजूद श्यामलाल का जवाब भी यही कुछ था।
डलमऊ के भागीरथी इंटर कॉलेज मतदान केंद्र पर वोट डालकर बाहर निकले निशक्त राकेश का कहना था वोट डालकर अपने अधिकार का प्रयोग किया।
सरेनी के पल्टीखेड़ा मतदान केंद्र पर 85 वर्षीय राम अवतार, खीरों मतदान केंद्र में 90 वर्षीय सुखलाल चलने-फिरने में लाचार हैं, लेकिन वह वोट देने परिवारीजनों के साथ बूथ पर पहुंचे।
पूरे ज्वाला गांव की रहने वाली हुब्बा देवी की उम्र 100 वर्ष हो गई है। वह नाती के साथ हुब्बा देवी गांव से चार किमी दूर भागीरथी इंटर कॉलेज में वोट डालने पहुंची। प्राथमिक स्कूल कठगर में देख पाने वाले राकेश का जज्बा किसी से कम नहीं था।
राकेश का कहना था कि गांव मा कउनौ विकास नहीं भवा। वोट डारिब तो विकास हो जाइ। इसी क्षेत्र के मतदान केंद्र मधुकरपुर में वृद्धा ईश्वरदेई अपने नाती के साथ वोट डालने केंद्र पर पहुंची।