रायबरेली। वित्तीय वर्ष 2020-21 के छह माह बीतने के बाद शुक्रवार को जिला योजना को हरी झंडी मिल गई। डिप्टी सीएम और जिले के प्रभारी डॉ. दिनेश शर्मा ने बचत भवन में जिला योजना की बैठक में 4.23 अरब के विकास कार्यों पर मोहर लगा दी। जिला योजना में सड़क, पानी, खेलकूद, इलाज और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। पुष्टाहार, प्राविधिक शिक्षा सहित अन्य कार्यों के लिए बजट की व्यवस्था नहीं की गई। डिप्टी सीएमओ ने जिला योजना समिति के सभी सदस्यों के कार्यों को शामिल कराने के निर्देश भी दिए।
वित्तीय वर्ष 2020-21 की जिला योजना पिछले साल ही पास हो जाना चाहिए थी, लेकिन नया वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले जिला योजना को हरी झंडी नहीं मिल सकी। कोरोना का कहर बढ़ने के कारण चालू वित्तीय वर्ष की जिला योजना को जिले स्तर पर ही हरी झंडी मिलने में छह महीने लग गए। परिषदीय स्कूलों के सहायक अध्यापकों को शुक्रवार को नियुक्ति पत्र देने के बाद डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने बचत भवन में जिला योजना की बैठक की। करीब एक घंटे चली बैठक में 4.23 अरब रुपये के कार्यों को 31 मार्च 2021 से पहले कराए जाने की कार्ययोजना को पास कर दिया गया।
जल्द ही शासन स्तर पर आयोजित होने वाली बैठक में जिला योजना के पास होने के बाद जिले में विकास कार्य आरंभ हो जाएगा। बैठक में डीएम वैभव श्रीवास्तव, सीडीओ अभिषेक गोयल, एमएलसी दिनेश सिंह, विधायक सरेनी, धीरेंद्र बहादुर सिंह, विधायक सलोन दल बहादुर कोरी, विधायक ऊंचाहार डॉ. मनोज पांडेय के प्रतिनिधि अमिताभ पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह, सीवीओ गजेंद्र प्रताप सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
जिला योजना की बैठक में पुष्टाहार कार्यक्रम, जनजाति कल्याण, पूल्ड आवास, ग्रामीण पेयजल, यूनानी अस्पताल, प्राविधिक शिक्षा, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रेशम उद्योग, बाढ़ नियंत्रण, भूमि सुधार, सिंचाई एवं जल संसाधन, सहकारिता, उद्यान विभाग को फूटी कौड़ी नहीं दी गई है। इन विभागों और कार्यों से संबंधित कोई बजट नहीं रखा गया।
जिला योजना की बैठक में एमएलसी के साथ ही सभी विधायक के लिए बैठक के लिए नियत स्थान तय किया गया था। बाकायदा नेम प्लेट भी लगाई गई थी, लेकिन सभी माननीय डिप्टी सीएम के बगल में ही बैठे रहे। नियत स्थान पर रखी कुर्सियां खाली रहीं। डिप्टी सीएम के अगल-बगल में एमएलसी दिनेश सिंह व जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह बैठे। मंच पर एमएलसी के बगल में सरेनी विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह व विधायक दल बहादुर कोरी बैठे नजर आए। जिला पंचायत अध्यक्ष के बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव और सीडीओ अभिषेक गोयल बैठे।
हालांकि माननीयों के अपनी कुर्सियों पर न बैठने और डिप्टी सीएम के बगल-बगल ही घेरकर बैठने को लेकर अंदर ही अंदर अधिकारियों व नेताओं में तरह-तरह की चर्चाएं सुनने को मिली। एक नेता ने तो अपनी पीड़ा का बखान भी दबे मुंह से कर भी दिया। बैठक के बाद इस बात को लेकर बचत भवन में गहमागहमी का माहौल रहा।
वित्तीय वर्ष 2020-21 की जिला योजना शुक्रवार को पास हो गई है। डिप्टी सीएम ने 4.23 अरब के कार्यों को हरी झंडी दे दी है। जल्द ही शासन स्तर पर बैठक के बाद विकास कार्य आरंभ कराए जाएंगे।- वैभव श्रीवास्तव, डीएम