युवती ने यह बात बाहर खड़े एजेंटों को बताई तो मामला गरम हो गया। दो प्रत्याशी के समर्थकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। सेक्टर मजिस्ट्रेट सज्जन कुमार के पहुंचने पर दोनों पक्ष शांत हो सके।
उधर मलपुरा गांव में भी फर्जी वोट डालने आए अंशुमान सिंह नाम के एक व्यक्ति को पकड़ लिया। पहले तो युवक की पिटाई की गई। लेकिन बड़ी मात्रा में प्रशासन को आता देख लोग युवक को छोड़कर भाग खड़े हुए।
चांदा गांव में प्रधान पद के प्रत्याशी प्रेमशंकर को मतदान नहीं करने दिया गया। प्रत्याशी के पिता का नाम वोटर लिस्ट में गलत पड़ा था।
उल्लेखनीय है गांव के ही हुन्नर उर्फ धुन्नर ने प्रत्याशी पर फर्जी नामांकन करने का आरोप भी लगाया था। उस पर आरोप था कि उसने नामांकन में पिता का नाम फर्जी लिखा था और एसडीएम कोर्ट में शांति भंग की धारा में चालान होने के बाद बंधनामे में पिता का नाम दूसरा लिखा था।