रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन के डेडएंड को तोड़ते हुए ट्रेन का एक कोच बेपटरी हो गया। शनिवार देर रात यह हादसा उस वक्त हुआ, जब संटिंग स्टॉफ दो ट्रेनों के 16 डिब्बों को एक साथ जोड़कर धुलाई के लिए वाशिंग लाइन में ले जा रहे थे। वाशिंग लाइन की क्षमता 14 डिब्बों की है। यह जानते हुए भी कर्मी इसमें 16 डिब्बे ले जा रहे थे।
घटना के बाद न सिर्फ रायबरेली बल्कि लखनऊ मुख्यालय के अफसरों में भी हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने रविवार को घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की। विभिन्न रूटों पर चलने वाली ट्रेनों की हर रोज रात में रेलवे स्टेशन के पास बनी वाशिंग लाइन में धुलाई और सफाई होती है। इस वाशिंग लाइन की क्षमता 14 बोगियों की है।
शनिवार रात संटिंग स्टॉफ रायबरेली-कानपुर पैसेंजर (54212) और रायबरेली-ऊंचाहार-कानपुर पैसेंजर (54154) के डिब्बों को जोड़कर वाशिंग लाइन ले जा रहा था। दोनों ट्रेनों के मिलाकर 16 बोगियां हो गईं थी। संटिंग स्टॉफ इंजन लगाकर बोगियों को वाशिंग लाइन में बैक कर ले जा रहा था।
इसी दौरान सबसे पीछे लगी एक बोगी वाशिंग लाइन के डेडइंड को तोड़ते हुए बेपटरी हो गई। बोगी के दो चक्के पटरी से उतर गए। घटना के बाद संटिंग स्टॉफ के हाथ पैर फूल गए। रेलवे अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया।
अधिकारियों ने इसकी जानकारी मंडल कार्यालय लखनऊ को दी। रविवार को लखनऊ से सहायक परिचालन प्रबंधक हरमीत सिंह और सहायक यात्रिंक अभियंता पीके सिंह मौके पर पहुंचे और छानबीन की। घटना के लिए प्रथम दृष्टया संटिंग स्टाफ को दोषी बताया जा रहा है।