आरडीए की टीम ने बुधवार को एक बार फिर अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चलाकर छह निर्माणाधीन इमारतों को सील कर दिया गया।
वहीं विवादित ऐशबाग रजबहे की भूमि पर चल रहे निर्माण के सील को लेकर बिल्डर समर्थकों और आरडीए अफसरों में खूब नोकझोंक हो गई।
कोतवाली पुलिस को सूचना देने के बाद भी नहीं आने पर आरडीए टीम बिना कार्रवाई के ही लौट गई। एक्सईएन एसके सिन्हा का कहना है कि इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी है।
सरकारी कार्य में बाधा डाली गयी है। उपाध्यक्ष के निर्देश पर अगली कार्रवाई होगी। रायबरेली विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से एक महीने से लगातार अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में बुधवार सुबह सहायक अभियंता ए. अहमद की अगुवाई में अवर अभियंता एके अस्थाना, रबीश अग्रवाल समेत टीम मिल एरिया थाने पहुंची।
पुलिस बल के साथ स्टेशन रोड पर इंद्रजीत सिंह, रामजीपुरम बस्तेपुर में सरदार हरप्रीत सिंह, गोरा बाजार में इश्तियाक अहमद के निर्माण को सील किया।
इसके बाद शक्तिनगर रोड पर श्याम प्रकाश चौरसिया, एकता विहार निकट राजेश सोनकर, धमसीराय का पुरवा के काली बक्स के निर्माण को सील कर दिया।
वहीं डिग्री कॉलेज चौराहा निकट विवादित ऐशबाग रजबहा की भूमि पर बन रहे निर्माण को सील करने को लेकर बिल्डर समर्थकों में खूब बहस हुई।
आरडीए की ओर से सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई, लेकिन फोर्स नहीं आने पर बैरंग लौट गए। डिग्री कॉलेज चौराहा के निकट चल रहे निर्माण में बिल्डर के साथ रहे एक कथित पत्रकार की पैंतरेबाजी से आरडीए अफसर भौचक्के रह गए।
टीम जैसे ही सील करने पहुंची, तो वहां पर पहले से मौजूद महिलाओं ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। वहीं कथित पत्रकार ने विरोध के साथ मोबाइल पर बात करते हुए अफसरों पर खूब धौंस जमाई।
फोर्स न मिलने पर हालात विपरीत होते देख अफसर चुपचाप खिसक लिए। आरडीए उपाध्यक्ष ओपी राय का कहना है कि डिग्री कॉलेज निकट चल रहा निर्माण पूरी तरह से गलत है।
अभी तक निर्माणकर्ता की ओर से नक्शा और न ही जमीन के कागजात ही प्रस्तुत किए गए। नोटिस के बाद भी निर्माण कार्य जारी है। सील के दौरान विरोध हुआ है तो गलत है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्माणकर्ता के खिलाफ कार्रवाई होगी। शहर कोतवाल लक्ष्मीकांत मिश्रा ने बताया कि
आरडीए की टीम ने सील के लिए पुलिस की मांग की थी।
इस संबंध में अधीनस्थ अफसरों को पुलिस बल मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। घटना के दौरान पुलिस नहीं थी, यह संज्ञान में नहीं है। घटना के दौरान आरडीए की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई।