जिले में संचालित 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों में वार्डन, शिक्षिकाओं और अन्य स्टाफ की संविदा का नवीनीकरण कर दिया गया है।
अमावां स्कूल की पूर्व वार्डन और मुख्य रसोइये को सेवा से मुक्त कर दिया गया है, जबकि विवाद होने के कारण ऊंचाहार स्कूल की वार्डन समेत सभी नौ कर्मियों की संविदा के नवीनीकरण को रोका गया है।
इस मामले में बाद में निर्णय लिया जाएगा। कस्तूरबा स्कूलों में कार्यरत स्टाफ की संविदा का नवीनीकरण हर साल किया जाता है। हालांकि नवीनीकरण का काम एक महीने पहले ही हो जाना चाहिए था, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह काम पूरा नहीं हो सका।
इस संबंध में शनिवार के अंक में अमर उजाला ने कस्तूरबा स्कूलों के स्टाफ का नवीनीकरण नहीं शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार छपते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने शनिवार को संविदा कर्मियों का नवीनीकरण कर दिया।
कस्तूरबा स्कूल अमावां में पूर्व वार्डन व पूर्ण कालिक शिक्षिका वंदना चौधरी और मुख्य रसोइया मायादेवी की संविदा का नवीनीकरण नहीं किया गया है।
तीन महीने पहले स्कूल में बच्चियों के बीमार होने के मामले में दोनों की लापरवाही पकड़ में आई थी। इसीलिए दोनों को सेवा से बाहर किया गया है।
ऊंचाहार कस्तूरबा स्कूल की शिक्षिका सरिता और वार्डन अर्चना केशरवानी के बीच विवाद होने के कारण इस स्कूल के सभी नौ कर्मियों की संविदा के नवीनीकरण को रोका गया है।
प्रभारी बीएसए आशा कनौजिया का कहना है कि जो विवादित नहीं थे, उनकी संविदा का नवीनीकरण कर दिया गया है। डीएम के निर्देशन में ऊंचाहार के स्टाफ की संविदा के नवीनीकरण के संबद्ध में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।