रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े के मामले कम नहीं हो रहे हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका प्रकरण के बाद पूरे महकमे में जांच और सत्यापन चल रहा है। इसी बीच पहले से चल रही एक अन्य मामले की जांच में यहां तैनात एक शिक्षिका की डिग्री गलत पाई गई। इस पर शिक्षिका को बर्खास्त करने के साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
वर्ष 2010 में प्रदेश के किसी जिले में अनीता मौर्या नाम की एक शिक्षिका को बेसिक शिक्षा विभाग में बतौर शिक्षिका नियुक्ति मिली थी। अंतर जनपदीय स्थानांतरण में इस शिक्षिका का तबादला 2016 में रायबरेली जिले में हो गया। वर्तमान में यह शिक्षिका डलमऊ विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रामपुर ऐहार में तैनात थी। छानबीन में इस शिक्षिका की बीएड की डिग्री फर्जी पाई गई।
इस मामले में डलमऊ के खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रजापति ने लालगंज कोतवाली में शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। बीईओ प्रजापति ने बताया कि शिक्षिका ने डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएड डिग्री के आधार पर गैर जनपद में 2010 में नियुक्ति पाई थी, जो 2016 में यहां स्थानांतरित होकर आई।
डिग्री गलत पाई गई तो शिक्षिका को बर्खास्त कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि अभिलेखों के सत्यापन के बाद डिग्री गलत पाई गई तो कार्रवाई की गई। उधर, लालगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राज कुमार पांडेय ने बताया कि शिक्षिका के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।
राही ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रघुनाथपुर में दो जुलाई को हुए निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले स्टाफ का वेतन रोकने की संस्तुति की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी रमेशचंद्र चौधरी ने बताया कि दो जुलाई को 11.20 बजे विद्यालय का निरीक्षण किया गया तो स्कूल बंद मिला। इस पर प्रधानाध्यापक अजय कुमार, सहायक अध्यापक उमेश चंद्र, शिक्षामित्र नीरज कुमार व नीलम, उच्च प्राथमिक विद्यालय रघुनाथपुर की प्रभारी प्रधानाध्यापक मीता, सहायक अध्यापक अमर सिंह, प्रतिमा सिंह व अनुचर अशरफ अनुपस्थित पाए गए। इन सभी का वेतन एवं मानदेय बाधित करने की संस्तुत की गई है।