रायबरेली। नगर पालिका परिषद रायबरेली में तैनात कर निर्धारण अधिकारी ललितेश कुमार सक्सेना को धमकाने और जबरन कमरा खाली कराने का मामला तूल पकड़ रहा है। दहशत में वे छुट्टी पर चले गए हैं। रविवार को उन्होंने पालिका में तैनात अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।
कहा कि पहले उनसे कर विभाग के कार्य छीनकर कर अधीक्षक को दे दिए गए। फिर उनका चार पहिया वाहन छीन लिया गया। इसके बाद उनका अब कमरा खाली करा दिया गया है। उधर, ईओ स्वर्ण सिंह का कहना है कि सोमवार को कर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तर बुलाकर इस प्रकरण को सुलझाने का प्रयास करेंगे।
कर निर्धारण अधिकारी बृहस्पतिवार को करीब दो बजे अपने कमरे में बैठकर कामकाज निपटा रहे थे। इसी दौरान स्टाफ के कुछ लोग एक नेता के बेटे के साथ पहुंचकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था। जानमाल की धमकी देकर उनका कमरा खाली करा लिया था। धमकी के बाद कर निर्धारण अधिकारी दहशत में हैं। यही वजह है कि वह तीन दिन की छुट्टी लेकर लखनऊ चले गए हैंं। उनका कहना है कि जब उन्हें सुरक्षा मिलेगी, तभी वह कार्यालय जाएंगे।
दरअसल, टैक्स के नाम पर वसूली की जा रही थी। इसकी शिकायत मिलने पर पालिकाध्यक्ष शत्रोहन सोनकर ने जनरल सर्वे का कार्य रोक दिया था। ऐसे में टैक्स वसूली में शामिल स्टाफ को शक था कि यह सब कर निर्धारण अधिकारी के इशारे पर हुआ है। यही वजह रही कि स्टाफ ने एक नेता के बेटे के साथ मिलकर कर निर्धारण अधिकारी को जानमाल की धमकी दी और उनका कमरा खाली कराया।
साढ़े सात करोड़ रुपये वसूला गया टैक्स
कर निर्धारण अधिकारी के मुताबिक 2025 में सात करोड़ टैक्स वसूलने का टारगेट मिला था। इसके सापेक्ष साढ़े सात करोड़ रुपये का टैक्स वसूला गया है। अधिक टैक्स वसूलने के बाद भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। उनका कहना है कि जल्द इस मामले को लेकर वह विभागीय उच्चाधिकारियों से भी मिलेंगे।