रायबरेली। स्वामी विवेकानंद की जयंती की पूर्व संध्या पर शनिवार को जिलेभर में कई कार्यक्रम हुए। ‘आज के भारत में विवेकानंद की प्रासंगिकता’ विषय पर हुई भारत की जनवादी नौजवान सभा की संगोष्ठी में फीरोज गांधी महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. रामबहादुर वर्मा ने विषय प्रवर्तन किया।
उन्होंने कहा कि विवेकानंद भारतीय नवजागरण के सबसे चमकते सितारे थे। विवेकानंद ने सभी धर्म के अनुयायियों को धर्मांधता, कट्टरता व अंधविश्वास से ऊपर उठकर सबको एक मानते हुए विश्व व्यापी बंधुत्व एवं सहिष्णुता का पाठ पढ़ाया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे माकपा के जिला मंत्री रामदीन विश्वकर्मा ने कहा कि विवेकानंद साधारण विचारक नहीं थे। वह चलते-फिरते विश्व कोष थे। संचालन कर रहे नौजवान सभा के जिला संयोजक विजय कुमार शर्मा ने कहा कि विवेकानंद दरिद्रनारायण के पुजारी थे।
गरीबों, मजलूमों व भूख से पीड़ित लोगों की सेवा को ही उन्होंने सच्चा धर्म बताया। राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने सोते हुए भारत को जगाया। राधेश्याम तिवारी, जगदीश यादव, रामसजीवन यादव व राकेश कुमार ने भी विचार व्यक्त किए।
स्वामी सत्यमित्रानंद महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने पूर्व संध्या पर जयंती कार्यक्रम आयोजित किया। मां सरस्वती एवं विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण के बाद प्राचार्य डा. संतोष मिश्रा ने कहा कि उठो, जागो और तब तक न रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।
संचालन सतीश चंद्र पाल ने किया। इस मौके पर दीप्ति शुक्ल, डॉ. वंदना पांडेय, शिखा द्विवेदी, मधुबाला पाठक, आशीष, बृजेश, अभिषेक तिवारी व बद्री विशाल आदि उपस्थित रहे। ओपी यादव यूथ ब्रिगेड ने अस्पताल चौराहा स्थित हाथी पार्क में गोष्ठी आयोजित की।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओपी यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक है। यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष संजय पासी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने 1893 में अमरीका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में देश का सम्मान बढ़ाया।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय संगठन मंत्री मुकेश रस्तोगी, संत गाडगे सेवक कमलेश चौधरी, यूथ ब्रिगेड के उपाध्यक्ष सचिन श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर हनुमान प्रसाद वर्मा, अजय यादव, भगवत सिंह सोनी, राजन रस्तोगी, अशोक मिश्रा, धर्मेंद्र यादव व पंकज श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।