रायबरेली। दीनशाह गौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत टीकर अगाचीपुर गांव में राशन कार्डों में फर्जी यूनिटों के सहारे राशन डकारने के मामले में सप्लाई इंस्पेक्टर पर गाज गिर गई है। राशन डकारने वाले कोटेदार के खिलाफ केस दर्ज कराए जाने के बाद आपूर्ति निरीक्षक को निलंबित करके कानपुर से संबद्ध किया गया है। उधर, मुकदमा दर्ज होने के बाद कोटेदार की गिरफ्तारी के लिए एसपी से गुहार लगाई गई है।
टीकर अगाचीपुर गांव के पहले वाले शैलेेंद्र सिंह, सुनील कुमार सिंह, फूलचंद्र, राममिलन, शीला देवी, देशराज, सगीता व बाबूलाल आदि ने शपथ पत्र के माध्यम से डीएम से शिकायत की थी। डीएम के आदेश पर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पीएन पाल के नेतृत्व में टीम ने जांच की थी।
जांच में मो. फारुख के कार्ड (संख्या 215840929477) पर परिवार के साथ ही दिनेश, उमेश और सोनी का नाम शामिल पाया गया। इसी तरह कमला के राशन कार्ड (संख्या 215830129550) पर शाहीन बानो का नाम भी पाया गया था। मामले को लेकर 19 जून के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
मामला पकड़ में आने के बाद कोटेदार संतलाल के खिलाफ जगतपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसके साथ ही तत्काल डलमऊ तहसील की आपूर्ति निरीक्षक कौमुदी पाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया था। मामले में शासन ने सप्लाई इंस्पेक्टर कौमुदी पाल को निलंबित करके कानपुर से संबद्ध कर दिया गया है।
उधर कार्डधारकों ने एसपी को शिकायतीपत्र देकर आरोपी कोटेदार की गिरफ्तारी की मांग की है। डीएसओ विमल शुक्ला ने बताया कि टीकर अगाचीपुर मामले में आपूर्ति निरीक्षक को निलंबित करके कानपुर से संबद्ध किया गया है।