अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह लखनऊ-सुल्तानपुर राजमार्ग पर सुल्तानपुर डिपो की एक बस अनियंत्रित होकर खड्ड में पलट गई। हादसे में 45 यात्री घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सिंहपुर अस्पताल और हैदरगढ़ (बाराबंकी) पहुंचाया।
सीएचसी हैदरगढ़ पहुंचे नौ घायल यात्रियों में से तीन को गंभीर अवस्था में लखनऊ रेफर किया गया। 15 की हालत गंभीर होने पर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायल यात्रियों की मानें तो चालक की लापरवाही से हादसा हुआ। हादसे से काफी देर तक अफरातफरी रही। हादसे के बाद चालक मौके से भाग निकला।
सिंहपुर प्रतिनिधि के अनुसार सुल्तानपुर डिपो की बस सुबह करीब 9:30 बजे सवारियां लेकर सुल्तानपुर से लखनऊ की तरफ जा रही थी। इस पर 45 यात्री सवार थे। इन्हौंना चौकी के पास अनियंत्रित होकर बस खड्ड में पलट गई।
बस को पलटने की सूचना पर आसपास के लोगों के साथ स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मुसाफिरों को बस से बाहर निकाला। हादसे में सभी 45 यात्री घायल हुए। गंभीर घायल 15 यात्रियों को सिंहपुर सीएचसी पहुंचाया गया।
इसमें योगेंद्र पांडेय, रमेशचंद्र, अखिल, गीता देवी, निखिल निवासी मुसाफिरखाना, सतेंद्र, मो. जिनैद, आजाद, सलीम निवासी सुल्तानपुर, गौतम सिंह निवासी लखनऊ, रामअचल, सूर्यसती निवासी निहालगढ़, शीला, अवधेश, गुड्डू निवासी जगदीशपुर शामिल हैं।
हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार नौ यात्रियों को सीएचसी हैदरगढ़ (बाराबंकी) पहुंचाया गया। सीएचसी पर लाए गए मरीजों में कोतवाली के शालपुर गांव के सहजराम पाल, सुल्तानपुर के शाहगंज के पवन कुमार, लक्षमणपुर निवासी कृष्ण चंद्र पाठक को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर अवस्था में लखनऊ रेफर किया गया है।
इनके अलावा अंबेडकरनगर के आदमपुर निवासी ध्रुवदेव इनकी पत्नी मिथलेश, पुत्र अर्पित व पुत्री सोनम तथा सुल्तानपुर के बंधुआकला की प्रियंका सिंह व लखनऊ के सरोजनीगंज निवासी नीतू सिंह को उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।
थानेदार दिनेश यादव का कहना है कि बस की रफ्तार तेज थी। चालक गाड़ी को संभाल नहीं सका, जिसकी वजह से हादसा हो गया। हादसे की जांच कराई जा रही है। तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
वहीं हादसे के बाद यात्रियों को बस से बाहर निकाला गया तो वह सहमे नजर आए। पहले तो कुछ बोल ही नहीं पा रहे थे। बाद में हादसा कैसे हुआ, इस बारे में बताया। साथ ही सभी बाल-बाल बचने पर भगवान का शुक्रिया अदा किया।
उनका कहना था कि जिस तरह बस पलटी, उससे नहीं लग रहा था कि हम लोग अब अपने परिवारीजनों से मिल पाएंगे, लेकिन ऊपर वाले का शुक्र रहा कि सबकुछ सही सलामत रहा। हादसे के बाद थाना चौकी पुलिस की लापरवाही उजागर हुई।
स्थानीय लोगों की सहायता से बस से बाहर निकले घायल यात्रियों को मार्ग पर जो साधन मिला उसी पर लाद दिया गया। इससे घायलों को इन्हौना से तीन दिशाओं की सीएचसी पर भेजा गया है।
हाईवे पर पूरब जगदीशपुर पश्चिम हैदरगढ़ व दक्षिण सिंहपुर सीएचसी पर भेजे गए घायलों के परिवारीजनों को पुलिस कोई जानकारी तक नहीं दे सकी जिससे घटना की सूचना पर अपनों को देखने पहुंचे लोग काफी समय तक एक जगह से दूसरी जगह तक भटकते रहे।