एशियन गेम्स में देश को गोल्ड मेडल दिलाने वाली जिले की एथलीट सुधा सिंह पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। शनिवार को ओलंपिक में एथलेटिक्स में शुरूआत करने वाली सुधा से अपनों को ओलंपिक में मेडल की उम्मीद है। अब तक खेलों में मिले सफलता और अनुभव के साथ सुधा सिंह को उम्मीद है कि वह जरूर इसमें मेडल जीतेगी।
शहर के शिवाजी नगर के रहने वाले हरिनारायण सिंह की बेटी सुधा सिंह को खेल की दुनिया में जिले का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनाया है। इस बार भी उन्होंने अपने दम ओलंपिक में स्टीपल चेज के साथ ही मैराथन दौड़ में भी क्वालीफाई किया है।
सुधा का टीम में चयन होने पर भाई मोनू कहते है कि इस बार उन्हें उम्मीद है कि बहन जरूर पद लाएगी।
सुधा की प्रमुख उपलब्धियां
रांची में 2010 में सीनियर इंटर स्टेट में पहला स्थान प्राप्त किया। कोच्चि में 2010 में सीनियर ओपन नेशनल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। चेन्नई में 2010 में सीनियर लेवल इंटरनेशनल मैराथन में पहला पुरस्कार। रांची में 2010 में फेडरेशन कप में पहला स्थान हासिल किया। पटियाला में 2010 में इंटर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दूसरा स्थान।
ग्वानझू में 2010 में एशियन गेम्स में गोल्ड हासिल किया। 2012 में लंदन में ओलंपिक में जगह बनाई। 2014 में दक्षिण कोरिया में हुए एशियाई खेलों में सुधा चौथी आईं।
2016 में शंघाई में हुई डायमंड लीग मीट में सुधा सिंह ने 9.25.55 की टाइमिंग से नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा।
सुधा ने अपने दमखम पर अर्जुन पुरस्कार के साथ ही लक्ष्मीबाई अवॉर्ड व यश भारती सम्मान से सम्मानित हो चुकीं हैं। ओलंपिक में शामिल होकर अपने सपने को सच करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पिछले एक साल से घर भी नहीं आई। पानी और बाधा को पार कर दौड़ पूरी करने वाली स्टीपल धावक सुधा की जिंदगी की दौड़ में जितनी भी बाधाएं आईं, उन्हें पार करते हुए सफलता हासिल की।