रायबरेली। एक जिला एक उत्पाद और एक जिला एक व्यंजन योजना की समीक्षा बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने उत्पादों की पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन के लिए उद्योग व निफ्ट के अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। निफ्ट के संयुक्त निदेशक अमिताभ चौधरी ने उत्पादों की ऑनलाइन उपस्थिति के लिए कार्य योजना में गूगल व क्यूआर कोड शामिल करने का सुझाव दिया जिससे लोग जिले के काष्ठकला उत्पादों और मसाले, पेड़ा, जलेबी को ऑनलाइन खरीद सकें।
बैठक में उत्पादों की मार्केट स्ट्रेटेजी, कंज्यूमर कॉस्ट को शामिल करते हुए उत्पाद की रिसर्च डायग्रोसिस संबंधी रिपोर्ट तैयार करने का सुझाव दिया गया। डीएम ने कहा, काष्ठकला से संबंधित इकाई स्थापित करने पर 25 लाख तक की परियोजना लागत पर अधिकतम 25 प्रतिशत सब्सिडी की सुविधा है। इससे अधिक लागत पर 20 प्रतिशत तक सब्सिडी देय है। जिले में चयनित उत्पाद मसाले व संभावित चयनित उत्पाद पेड़ा व जलेबी की इकाइयां स्थापित करने पर 25 लाख तक 25 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। बैठक में सीडीओ अंजूलता, उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य, आईआईए के अध्यक्ष उदित आजाद, लघु उद्योग भारती से सुशील, प्रदेश सचिव लघु उद्योग भारती सुरेश गुप्ता मौजूद रहे।