गैस उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। कभी सिलेंडर के लिए मारामारी करनी पड़ती है, तो अब सब्सिडी धनराशि के लिए मशक्कत करना पड़ रही है।
खातों में सब्सिडी नहीं पहुंचने से उपभोक्ता बैंक और एजेंसी के चक्कर लगाने को विवश हैं। इसके बावजूद समस्या दूर नहीं हो पा रही है।
जिले में 29 गैस एजेंसियां है। इसमें दो लाख से अधिक कनेक्शन धारक है। डीबीटीएल योजना लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर डिलवरी के दौरान पूरी धनराशि करीब 720 रुपये वहन करना पड़ रहा है।
सब्सिडी धनराशि खातों में पहुंचनी होती है। पिछले कुछ माह से कई उपभोक्ताओं के खातों में सब्सिडी धनराशि नहीं आ रही है। इससे उपभोक्ताओं काफी संशय में है।
इस संबंध में शिकायत के बाद भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ता इंदिरा नगर के राजेश गुप्ता का कहना है कि तीन बार से खाते में सब्सिडी धनराशि नहीं आ रही है।
गैस एजेंसी में कर्मचारी भी सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। बैंक में भी कुछ पता नहीं चल पा रहा है। इसी तरह गोरा बाजार के मुन्ना, जवाहर विहार कॉलोनी के बृजेश सिंह, रतापुर के आरपी मिश्रा का कहना है कि एजेंसी और बैंक में तालमेल नहीं होने के कारण सब्सिडी का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी रवींद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में सब कुछ ऑनलाइन हो गया है। उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी आनी होती है।
यदि किसी कारणवश नहीं मिल रही है, तो एजेंसी से पता करे। इसके बाद भी यदि कोई समस्या आ रही है, तो संबंधित कंपनी के कस्टमर केयर अथवा बैंक में संपर्क करके पता किया जा सकता है।