रायबरेली। दीपावली पर इस साल प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शांत क्षेत्र में किसी भी समय पटाखे फोड़ने पर पाबंदी लगाते हुए डीएम ने रात 8 बजे से 10 बजे तक ही आतिशबाजी करने की छूट दी है।
इस संबंध में डीएम ने सभी एसडीएम, सीओ, सिटी मजिस्ट्रेट सहित संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी करके आदेश का कड़ाई से पालन कराने के आदेश दिए हैं।
तेज आवाज वाले पटाखे बनाने और बिक्री पर भी रोक के साथ ही विदेशी पटाखों की बिक्री पर भी रोक लगाई गई है। पटाखों की आवाज पर नजर रखने के लिए पुलिस अथॉरिटीज साउंड मीटर्स का प्रयोग होगा।
कोरोना के खतरे के साथ ही जिले में प्रदूषण का खतरा है। प्रदेश के टॉप प्रदूषित जिलों में यह जिला भी शामिल है। दीपावली पर पटाखों की वजह से ध्वनि व वायु प्रदूषण काफी बढ़ जाता है।
डीएम ने पटाखों के निर्माण, विक्रय व आतिशबाजी के समय किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस बार शांत क्षेत्र में इस बार किसी भी समय पटाखे नहीं छोड़ सकेंगे।
शांत क्षेत्र जैसे कि अस्पताल, शैक्षिक क्षेत्र, न्यायालय परिसर, धार्मिक स्थल या सक्षम प्राधिकारी द्वारा घोषित अन्य किसी क्षेत्र से 100 मीटर की परिधि के क्षेत्र में रात आठ बजे से रात 10 बजे तक आतिशबाजी की जा सकेगी। इसके बाद या इसके पहले पटाखे नहीं फोड़े जाएंगे।
डीएम ने पटाखे की दुकानों पर रंगीन तारा व रोल डॉट कैप्स रखने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। थानेदारों व अग्निशमन विभाग की देख-रेख में विस्फोटक नियम 2008 के सुसंगत नियमों व कोरोना सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए दुकानें लगेंगी।
पटाखों के फटने के स्थान से चार मीटर की दूरी पर 125 डेसिबल से अधिक ध्वनि तीव्रता उत्पन्न करने वाले पटाखों का उत्पादन एवं विक्रय दुकानों पर नहीं किया जाएगा। बच्चों को पटाखें नहीं चाहिए का नारा बुलंद करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
जिस तरह इस बार जिला प्रशासन की ओर से शिकंजा कसा जा रहा है, उससे इस बार लाखों ही पटाखा बाजार रह जाएगा। पिछले साल एक करोड़ से ज्यादा के पटाखों की बिक्री हुई थी। इस बार दुकानदार बताते हैं कि इस बार 30 से 40 लाख के पटाखा दगाने में फुंक जाएंगे।
मुख्य जिला अग्निशमन अधिकारी राजीव पांडेय ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत ही पटाखा की बिक्री कराई जाएगी। तीन दिन के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
पटाखों से होने वाले नुकसान व प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नियमों का शत प्रतिशत पालन न करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी को निर्देशों का शत प्रतिशत पालन करना होगा।- वैभव श्रीवास्तव, डीएम