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UP News: ठगी करने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल वाई-फाई टॉवर बेचने के नाम पर लोगों से करते थे उगाही

Fri, 17 Jan 2025 07:40 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली

सार

एसटीएफ और पुलिस ने संयुक्त रूप से ठगी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये मोबाइल वाई-फाई टॉवर बेचने के नाम पर लोगों से उगाही करते थे। 
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ठगी करने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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यूपी के रायबरेली में मोबाइल वाईफाई टॉवर के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को एसटीएफ लखनऊ और डलमऊ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन्हें लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार से गिरफ्तार किया गया है। इस रैकेट में दो और लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। 

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पुलिस टीम इनकी तलाश कर रही है। आरोपियों के पास से एक कार, कई मोबाइल कंपनियों को फर्जी कागज, मुहरें, बीएसएनएल का लेटर, कूटचरित कंफर्मेशन फार्म, वोटर आईडी, आधार कार्ड, आठ मोबाइल, 13,200 रुपये बरामद किए गए हैं।

लखनऊ के गोमती नगर से गिरफ्तार किया

निजी टेलीकॉम कंपनियों के फर्जी लेटर पैड और कागजात बनाकर मोबाइल वाईफाई बेंचने का नेटवर्क चलाने वाले ग्राम तेंदुबारी थाना गौरीबाजार जिला देवरिया निवासी सुनील श्रीवास्तव, अजय कुमार सिंह, अतिउल्ला अंसारी, पदुमनाथ दुबे और ग्राम सेमरा थाना कसैया जिला कुशीनगर निवासी को एसटीएफ और डलमऊ पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर लखनऊ के गोमती नगर से गिरफ्तार कर लिया। 

पकड़े गए आरोपी ग्राम प्रधानों और आर्थिक संपन्न लोगों को निशाना बनाते थे। देश की नामी टेलीकॉम कंपनियों के वाईफाई टॉवर लगाने का झांसा देकर ठगी की जाती थी। जालसाज मोबाइल के माध्यम से फोन करते थे और उनको वाईफाई टॉवर कम दाम में लगाने का झांसा देते थे। सारी डील मोबाइल से ही होती थी। जिस किसी को गिरोह के सदस्य निशाना बनाते थे, उसके पैसे ऑनलाइन बैकिंग से खाते में मंगा जाते थे। 

पुलिस दोनों की धरपकड़ में जुटी

साथ ही शिकार के बाद मोबाइल सिम तोड़ दिया जाता था। यह रैकेट काफी समय से जिले में भी चल रहा था। जिस पर एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने टीम लगाई थी। डलमऊ पुलिस और एसटीएफ ने रैकेट के पांच सदस्यों को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ की तो पता लगा कि रैकेट में निरंकार सिंह और रोहित सिंह भी शामिल हैं। पुलिस दोनों की धरपकड़ में लग गई है।

सड़क किनारे सिम बेंचने वाले बने मददगार

रैकेट में शामिल सदस्य सड़क पर छतरी लगाकर सिम बेंचने वाले दुकानदारों से सेटिंग करते थे। बताते हैं कि यह दुकानदार ही फर्जी आईटी मुहैय्या कराते थे और मोबाइल सिम देते थे। इसके बदले में मुंहमांगे दाम लिए जाते थे। एक बार ठगी करने के बाद गिरोह के सदस्य सिम तोड़ देते थे। 

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नए सिम के लिए इस तरह के दुकानदारों का पता लगाकर उनसे नया सिम खरीदते थे। एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। दो की तलाश की जा रही है। साथ ही पकड़े गए आरोपियों के अपराधिक रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं।

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