प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं व उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके लिए छपवाई गईं पुस्तकों को आमजन तक पहुंचाने की बजाय उन्हें कचरे के ढेर में फेंककर जलाया जा रहा है।
राही क्षेत्र में फेंकी गईं ऐसी पुस्तकों को शुक्रवार आग के हवाले किया गया। दूसरी तरफ अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि स्टोर रूम की सफाई के बाद कुछ पुरानी व खराब पुस्तिकाएं जलाई गई हैं।
डीएम सूर्यपाल गंगवार ने घटना की जानकारी से इंकार किया। कहा कि इस मामले को दिखवाएंगे। सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों वाली पुस्तकें राही ब्लॉक कार्यालय के पीछे फेंकी गई थीं।
कूड़े के ढेर में पड़ीं तमाम पुस्तकों में आग लगने पर शुक्रवार शाम स्थानीय लोगों को जानकारी हुई। स्थानीय लोगों के मुताबिक प्रचार पुस्तिकाओं को कर्मचारियों ने गुपचुप तरीके से कचरे के ढेर में फेंका।
इसकी भनक लोगों को न लग सके, इसके लिए जलाने का भी प्रयास किया गया। इसमें हिंदी और उर्दू में प्रकाशित प्रचार पुस्तकाएं शामिल हैं।
इस बारे में जानकारी करने पर राही के बीडीओ चंद्रपाल का कहना था कि कर्मचारियों ने स्टोर रूम की सफाई की। इस दौरान निकलीं पुरानी पुस्तकों को फेंका गया है।