रायबरेली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता रविवार को सड़क पर उतरे। सपाइयों ने सुपर मार्केट से शहीद चौक तक पैदल मार्च निकाला और प्रदर्शन किया। शहीद चौक पर सीईसी का पुतला फूंकने के दौरान माहौल गर्म हो गया। इस दौरान सपाइयों और पुलिस के बीच नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। पुलिस ने लाठियां पटककर प्रदर्शनकारियों को पीछे करने का प्रयास किया, जिससे मौके पर अफरातफरी की स्थिति बन गई।
सपा जिलाध्यक्ष इं. वीरेंद्र यादव के नेतृत्व में जिलेभर से पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सुपर मार्केट स्थित पार्टी कार्यालय पर जुटे। यहां से पैदल मार्च निकाला गया। कार्यकर्ता आंबेडकर प्रतिमा स्थल पहुंचे और माल्यार्पण के बाद डिग्री कॉलेज की ओर रवाना हुए। इसके बाद सभी शहीद चौक पहुंचे। यहां सीईसी ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने और गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’, ‘ज्ञानेश कुमार हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ लिखी तख्तियां थीं। प्रदर्शन के दौरान सीईसी का पुतला और उनके फोटो वाली तख्तियां फूंकी गईं। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की होने से माहौल गर्म हो गया। सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने भारत निर्वाचन आयोग को भाजपा की कठपुतली बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद भी मतदाता सूची में डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हैं।
बछरावां विधायक श्याम सुंदर भारती और हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं, गरीबों और महिलाओं को मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस दौरान वरिष्ठ नेता डीपी पाल, डॉ. शशिकांत शर्मा, ओपी यादव, प्रदीप तिवारी, डॉ. अखिलेश पासी, सुरेश निर्मल, राम सिंह यादव, बबलू लोधी, मो. मुशीर, पूनम सिंह, ब्रजेंद्र चौधरी, राकेश यादव, योगेश्वर पटेल, पुत्तन सिंह यादव और जगदेव यादव ने भी विचार व्यक्त किए।
मौके पर मुनेश्वर पासी, अरशद खान, राजेंद्र यादव, श्रवण चौधरी, सुरजीत सिंह, डॉ. जावेद, आकाश मौर्य, देवेंद्र भीमराज, इजहार खान, रज्जू खान, सलीम, विनोद रावत और शिवमोहन यादव मौजूद रहे।
सिविल ड्रेस में लाठी लेकर खड़े व्यक्ति पर उठे सवाल
सपा नेताओं ने पुलिस के सुरक्षा घेरे में सिविल ड्रेस में लाठी लेकर खड़े एक व्यक्ति की मौजूदगी पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सिविल ड्रेस में मौजूद व्यक्ति की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए। यदि कोई अराजकतत्व मौजूद था तो उसे चिह्नित कर कार्रवाई की जानी चाहिए। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने प्रदर्शन के दौरान किसी तरह के हंगामे या झड़प से इंकार किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बनी रही।
रायबरेली में डिग्री कॉलेज चौराहा पर पुतला जलाए जाने को हुई नोकझोंक के दौरान सपाई को लाठी मारते
रायबरेली में डिग्री कॉलेज चौराहा पर पुतला जलाए जाने को हुई नोकझोंक के दौरान सपाई को लाठी मारते
रायबरेली में डिग्री कॉलेज चौराहा पर पुतला जलाए जाने को हुई नोकझोंक के दौरान सपाई को लाठी मारते
रायबरेली में डिग्री कॉलेज चौराहा पर पुतला जलाए जाने को हुई नोकझोंक के दौरान सपाई को लाठी मारते