रायबरेली। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. शशिकांत शर्मा को सोमवार को घर में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) किया गया। उन्हें सपा के प्रतिनिधिमंडल के साथ पीड़ित परिवार से मिलने के लिए प्रतापगढ़ जाना था। वह सुबह जैसे ही प्रतापगढ़ के लिए घर से निकले, तभी पुलिस पहुंच गई। उन्हें प्रतापगढ़ जाने नहीं दिया। प्रदेश सचिव ने सवाल उठाया कि क्या पीड़ित परिवार से मिलकर उनका दर्द बांटना भी अब अपराध हो गया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया, जिसे सोमवार को प्रतापगढ़ जिले के गांव मानापुर जाना था। मानपुर गांव में सौरभ विश्वकर्मा की पीट-पीट कर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस प्रतिनिधिमंडल प्रदेश सचिव डॉ. शशिकांत शर्मा भी शामिल थे।
प्रदेश सचिव ने बताया कि वह अपने अंबेडकर नगर स्थित आवास से प्रतापगढ़ जाने के लिए घर से निकलने वाले थे, तभी उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया। मिल एरिया थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर सपा के प्रदेश सचिव को नजरबंद किया गया था।