रायबरेली। जगतपुर क्षेत्र के उड़वा गांव में दलित महिला और उसके पति के साथ मारपीट और दुष्कर्म के मामले में रविवार को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटनाक्रम की जानकारी ली और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मामले से अवगत कराने का भरोसा दिया।
इस दौरान दूसरे पक्ष की महिलाओं ने अपनी बात रखने की मांग करते हुए हंगामा किया। उन्होंने मामले को जमीन विवाद बताते हुए राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया। महिलाओं के हंगामा करने से सपा प्रतिनिधिमंडल को वहां से हटना पड़ा। काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। महिलाओं ने सपा के खिलाफ नारेबाजी भी की।
उड़वा गांव निवासी महिला और उनके पति के साथ छह अक्टूबर को मारपीट हुई थी। इसमें सीमा देवी घायल हो गई थीं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। सपा के राष्ट्रीय महासचिव व मंझनपुर विधायक इंद्रजीत सरोज ने बताया कि गांव के दबंग ने महिला और उसके पति के साथ ज्यादती की है।
पथरगढ़ी होने के बाद जमीन पर कब्जा किया गया। थाने जाने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि महिला के साथ दुष्कर्म भी किया गया। इस पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी और एसपी से भी बात की जाएगी। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, सोरांव की सपा विधायक गीता शास्त्री (पासी), बछरावां विधायक श्याम सुंदर भारती, हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी और ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष जगदेव यादव मौजूद रहे।
रिद्धिमा सिंह के घर भी पहुंचा सपा प्रतिनिधिमंडल
सात अक्तूबर को उड़वा गांव में ही रिद्धिमा सिंह अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने के लिए कार से जा रही थीं, इस दौरान उनकी कार पर हमला हुआ था। कार के शीशों को ईंट से तोड़ा गया था। मामले में तीन आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इस मामले की भी जानकारी लेने के लिए प्रतिनिधिमंडल रिद्धिमा सिंह के घर पहुंचा और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
जगतपुर क्षेत्र के उड़वा गांव में ग्रामीणों से जानकारी लेती सपा प्रतिनिधि की टीम।