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बीता भूल कुछ नया करने की रहेगी पहल

Mon, 28 Dec 2015 11:44 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
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उम्मीद है कि नए साल में विकास को गति मिलेगी, स्वास्थ्य, चिकित्सा और शिक्षा सुविधाएं बेहतर होगी। नए साल का जश्न कोई परिवार के साथ घर में मनाएगा तो कोई मंदिर में दर्शन करने के साथ होटल में खाना खाएगा।
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स्वागत करने को लेकर हर कोई आतुर दिख रहा है। कई लोगों ने युवाओं से नए साल मेंहोने वाले हुड़दंग से दूर रहने की सलाह दी।

‘अमर उजाला’ ने नए साल को लेकर लोगों से बातचीत की तो हर किसी ने नए साल में कुछ न कुछ नया करने का संकल्प जताया।

केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य बी.लाल का कहना है कि नए साल का जश्न परिवार के साथ मनाया जाएगा। युवाओं को नए साल में होने वाले हुड़दंग से बचना चाहिए।

शिक्षा से ही समाज से कुरीतियां दूर होंगी। नए साल में जरूरत है कि हर वर्ग और हर समाज शिक्षित हो। शिक्षण व्यवस्था और भी बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन सबके प्रयास से सफल होगा।
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राजकीय कर्मचारी मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि नया साल एक नई उमंग और उम्मीदें लेकर आ रहा है। इस साल समस्याएं झेलने वाले हर व्यक्ति की नजरें आने वाले नए साल पर हैं।

परिवार वालों के साथ घर पर ही नया साल मनाएंगे। आशा है कि इस जनता को यह साल नई खुशियां देगा। खासकर किसानों को, जिन्होंने साल भर कठिनाईयां उठाईं।

नाक-कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार बोले कि स्वास्थ्य सुविधाओं को और बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता से लेकर अन्य व्यवस्थाएं और बेहतर होनी चाहिए।

सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आए आम आदमी और वीआईपी में भेदभाव बंद हो। ऐसा हुआ तो इस साल लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।

अधिवक्ता जय किशोर पांडेय ने कहा कि नए साल में कानून व्यवस्था और बेहतर होनी चाहिए। जिससे अपराधियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।

महिलाओं को अकेले घर से निकलने में कोई डर न लगे। इसके लिए कानून का सख्ती के साथ पालन भी होना चाहिए। नया साल पर परिवार समेत मंदिर में जाकर पूजन-अर्चन करेंगे।

व्यापारी वृंदावन अग्निहोत्री ने बताया कि यातायात की ध्वस्त व्यवस्था जीवन के लिए खतरा बन गई है। लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। उम्मीद है कि नए साल में इसमें सुधार होगा।

यदि ऐसा हुआ तो नए साल में न सिर्फ लोगों को आवागमन में आसानी होगी, बल्कि सड़क हादसों में भी कमी आएगी। कलाकार संतोष डे का कहना है कि यह साल तो हर वर्ग के लिए दुखदायी रहा।

ऐसा नहीं होना चाहिए। आने वाला साल इन सबसे दूर रहे, इसके लिए एक जनवरी को प्रार्थना करेंगे। एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश करेंगे। साथ ही पुरानी गल्तियों को दोबारा न दोहराने का संकल्प भी लेंगे।
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