कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं अमेठी सांसद राहुल गांधी के गोद लिए गए जगदीशपुर गांव में चंदवा नाला उफनाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एसडीएम से शिकायत पर पानी निकासी की व्यवस्था न होने पर शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
समाधान दिवस में भाग लेने पहुंचे डीएम-एसपी के सामने ही गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। साथ ही थाने गेट पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि उनकी समस्या की अनदेखी की जा रही है।
कुछ देर बाद डीएम-एसपी से वहां चले गए। इस मामले में महिला ग्राम प्रधान समेत 52 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। डीह ब्लॉक क्षेत्र के जगदीशपुर गांव को राहुल गांधी ने गोद लिया है। गांव से होकर चंदवा नाला निकला है।
पानी निकासी के लिए नाली नहीं बनवाई गई है। इससे नाला उफान आ गया है। इससे नाले का पानी धान के खेतों में जा रहा है। इससे फसल जलमग्न हो रही है। ग्राम प्रधान महादेवी की अगुवाई में ग्रामीणों ने शुक्रवार को एसडीएम सलोन से मिलकर पानी निकासी की व्यवस्था कराने की बात कही थी।
आरोप है कि इस ओर एसडीएम ने ध्यान नहीं दिया। शनिवार को डीह थाने में समाधान दिवस हुआ था। डीएम अनुज कुमार झा, एसपी विनय यादव समाधान दिवस में भाग लेेने पहुंचे थे। इसी बीच ग्राम प्रधान की अगुवाई में ग्रामीण थाने पहुंच गए। डीएम से शिकायत की तो उन्होंने मामला दिखवाने की बात कही।
इस पर गुस्साए ग्रामीण थाने गेट पर प्रदर्शन करने लगे। डीएम-एसपी की मौजूदगी में ही पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। उनका कहना था कि उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस वजह धान की फसल जलमग्न हो रही है।
यही हाल रहा तो फसल बर्बाद हो जाएगी। हालांकि कुछ देर बाद डीएम-एसपी वहां से चले गए। थानेदार पवन त्रिवेदी का कहना है कि पुलिस-प्रशासन के मुर्दाबाद के नारे लगाने के मामले में महिला ग्राम प्रधान महादेवी, उनके बेटे जितेंद्र यादव और 50 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गइ है।
इस समय धारा 144 लागू है। इसलिए एकत्र होकर हंगामा करना गलत है। ग्रामीणों की समस्या के निराकरण का भरोसा दिया गया था। बावजूद उन्होंने हंगामा किया।