रायबरेली। जिले से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों का संचालन 23 से 30 जून तक प्रभावित रहेगा। इनमें छह ट्रेनें ऐसी हैं, जो रूट डायवर्जन की वजह से दूसरे रास्तों से दौड़ाई जाएंगी और रायबरेली नहीं आएंगी। इसके अलावा कुछ ट्रेन दूसरे रास्तों से रायबरेली पहुंचेंगी। ज्यादातर गाड़ियों की लेटलतीफी बढ़ेगी।
ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि प्रतापगढ़ रेलमार्ग पर लगभग 27 किमी. के रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण कराया जा रहा है। जंघई समेत नजदीकी स्टेशनों को नई रेल लाइन से जोड़ने का काम होगा, जिससे ट्रेनों का संचालन संभव नहीं होगा।
लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस 23 से 30 जून तक, हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल 22 से 29 जून तक, अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल 22 से 29 जून तक, पटना-जम्मू तवी अर्चना एक्सप्रेस 23 एवं 26 जून को, जम्मू तवी-पटना अर्चना एक्सप्रेस 24 एवं 28 जून को और पुरी-आनंद विहार नीलांचल एक्सप्रेस 23, 26 एवं 30 जून को रायबरेली नहीं आएगी। ये ट्रेनें सुल्तानपुर के रास्ते दौड़ेंगी। बनारस और देहरादून के बीच रोजाना दौड़ने वाली जनता मेल 22 से 30 जून तक रायबरेली से गुजरेगी, लेकिन फाफामऊ के रास्ते चलेगी। यह ट्रेन बनारस और प्रतापगढ़ के बीच नहीं चलेगी।
रायबरेली और जौनपुर के बीच रोजाना दौड़ने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस रास्ते से वापस लौटेगी। यह ट्रेन 23 से 30 जून तक रायबरेली से प्रतापगढ़ तक जाएगी और प्रतापगढ़ से ही लौट आएगी। यह गाड़ी प्रतापगढ़ से जौनपुर के बीच आंशिक निरस्त रहेगी। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का संचालन बिगड़ेगी। इससे ट्रेनों का समय पर पहुंचना मुश्किल होगा। यातायात निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि दोहरीकरण के अंतर्गत गौरा, सुवसना, बादशाहपुर, नीभापुर एवं जंघई स्टेशनों को नई रेल लाइन से जोड़ने का काम होगा, जिससे ज्यादातर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा।