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एसआईआर : पांच साल पहले मृत प्रधान को भी नोटिस

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रायबरेली। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद 2.32 लाख संदिग्ध वोटरों को नोटिस देकर सुनवाई का काम शुरू हो गया है। ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के सिद्धौर की प्रधान रह चुकीं मीना कुमारी की मृत्यु पांच साल पहले हो गई थी। एसआईआर का नोटिस देकर अब उन्हें भी साक्ष्य देने के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा वर्ष 2003 में भी वोटर रह चुके तीन हजार से अधिक मतदाताओं को भी नोटिस दिए गए हैं। बृहस्पतिवार को भी नोटिस का जवाब देने के लिए सभी तहसीलों में वोटरों की भीड़ देखने को मिली। ऐसे में वोटरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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एसआईआर का फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद आगामी छह फरवरी तक दावे और आपत्तियां जमा करने का मौका दिया गया है। इसके अलावा नए वोटर बनाने के लिए आवेदन भी जमा कराए जा रहे हैं। एसआईआर में मिले 2.32 लाख संदिग्ध वोटरों को नोटिस देकर उन्हें साक्ष्य देने के लिए बुलाया गया है। इसके लिए 207 अधिकारियों को लगाया गया है। संबंधित वोटरों को उसके पास पहुंचकर वोटर होने का साक्ष्य देना पड़ रहा है। ऊंचाहार के सिद्धाैर की पूर्व प्रधान मीना कुमारी को भी नोटिस दिया गया, जबकि उनकी मौत करीब पांच साल पहले ही हो गई थी।
बीएलओ अमृत कुमार का कहना है कि पूर्व प्रधान की मौत हो चुकी है। एसआईआर के दौरान मृतक की सूची में नाम डालकर डिलीट कराने के लिए भेज दिया था। अब नोटिस आ गया है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी है। इसके अलावा 25 और वोटरों को नोटिस दिया गया है। सलोन तहसील क्षेत्र के बराडीह में 241 वोटरों को नोटिस देकर साक्ष्य के साथ बुलाया गया है। जिले के अन्य गांवों में तमाम ऐसे वोटरों को नोटिस दिए गए हैं, जिनके नाम 2003 की वोटर लिस्ट में शामिल थे। हालांकि खुद को वोटर सिद्ध करने के लिए मतदाताओं को पसीना आ रहा है।
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