महाशिवरात्रि पर शहर में तीन स्थानों से शिवबारात निकाली गई। बाकायदा बारात की अगवानी हुई। बाराती और जनाती एक दूसरे से गले मिले। बारातों का जगह-जगह स्वागत हुआ।
राजकीय कॉलोनी स्थित शिवमंदिर में पूजा-अर्चना के बाद बारात निकाली।
गाजे-बाजे की धुन पर थिरकते कलाकारों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। बारात इंदिरा उद्यान, नेहरू नगर, इंदिरा नगर, आरडीए कॉलोनी, जेल गार्डेन रोड होते हुए डिग्री कॉलेज चौराहा पहुंची। इस दौरान रथ तो कोई घोड़े पर सवार होकर निकला।
पहलवान वीर बाबा मंदिर में शिव बारात का जोरदार स्वागत किया गया। मंदिर कमेटी के पदाधिकारी हरिहर सिंह, घनश्याम अटलानी, सतीश अटलानी, बब्बी शुक्ला, रुपेश कुमार आदि ने स्वागत किया।
वहीं देर शाम चंदापुर कोठी स्थित जगमोहनेश्वर मंदिर में भी शिवबारात निकाली गई। बारात कैपरगंज, घंटाघर, सुपरमार्केट, स्टेशन रोड आदि स्थानों से होते हुए मंदिर परिसर में समाप्त हुई। बारात में दिल्ली, आगरा, कोलकाता, इलाहाबाद, जयपुर, वाराणसी से आए कलाकारों ने आकर्षक झांकियां निकाली।
इसकी सभी ने खूब प्रशंसा की। इसके अलावा पंजाबी, राजस्थानी कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत किया। भगवान शिव का तांडव नृत्य सभी को भाया। इस मौके पर चंद्रकांति देवी, ममता सिंह, डॉ. बृजेश बहादुर सिंह, सोनू गांधी, कल्लू मेहरोत्रा आदि ने बारातियों का स्वागत किया।
अयोध्यापुरी से ओंकारेश्वर महादेव बाबा की शिवबारात दोपहर बाद निकली। दोपहिया, चौपहिया वाहन पर सवार होकर श्रद्धालु डिग्री कॉलेज चौराहा, सिविल लाइन, मुंशीगंज, कुचरिया होते हुए पूरे मतौली गांव पहुंचे।
इसमें शंकर और गणेश की झांकी ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा भूत-प्रेत की टोली आकर्षण का केंद्र रहा। समिति के एसडीए मिश्रा, दिनेश मिश्रा, रत्नेश मिश्रा ने प्रसाद वितरण किया।
खीरों क्षेत्र के गहिरेश्वर गहिरी, तालेश्वर मथुराखेड़ा, वन खंडेश्वर पाहो, फटहेश्वर अतरहर, गंगेश्वर रनापुर, रामेश्वर खीरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गहिरेश्वर, तालेश्वर, फटहेश्वर मंदिर परिसर में मेला लगा। वहीं ऐंधी, दुबिनखेड़ा से शिवबारात निकली।
इसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अमावंा प्रतिनिधि के अनुसार पूरे सहादत मजरे सिधौना गांव में बाबूलाल मौर्या की अगुवाई में मूर्ति स्थापना पूरे विधिविधान से की गई। इस दौरान शिवबारात निकली। इस मौके पर रोहित कुमार, विनेाद कुमार, अशोक सैनी आदि मौजूद रहे।