रायबरेली। जिले के दो प्रधान डाकघरों और 54 उपडाकघरों में सर्वर गायब होने से कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। इससे लेनदेन समेत अन्य कार्य नहीं हो सके। नतीजतन करीब डेढ़ लाख खाताधारकों को बिना कामकाज के ही घरों को बैरंग लौटना पड़ा। डाकघरों में लेनेदन समेत अन्य कार्य के लिए पहुंचे खाताधारक उमस भरी गर्मी में बेहाल रहे। अधिकतर ग्राहक तो दोपहर बाद वापस घरों को लौट गए। कुछ इस इंतजार में बैठे रहे कि सर्वर आ जाएगा, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के 346 शाखा डाकघरों में भी लेनदेन प्रभावित रहा।
जिले में जिला मुख्यालय, जबकि लालगंज में प्रधान डाकघर हैं, जबकि 18 ब्लॉक क्षेत्रों में 54 उपडाकघर हैैं। इन डाकघरों से करीब ढाई लाख खाताधारक हैं। इसमें से शहर के घंटाघर स्थित प्रधान डाकघर में ही एक लाख 40 हजार खाताधारक जुड़े हैं। सुबह 10 बजे से ही दो प्रधान डाकघरों और 54 उपडाकघरों में सर्वर गायब हो गया। इधर, खाताधारक लेनदेन के लिए डाकघरों में पहुंच गए। लोग लाइन लगाकर इस इंतजार में खड़े रहे कि जल्द लेनदेन का कार्य हो जाएगा। सर्वर गायब रहा तो लेनदेन समेत अन्य कार्य ठप हो गए। होते करते दोपहर 12 बजे गए, लेकिन सर्वर नहीं आया। इससे लोग लाइन में ही लगे रहे, लेकिन लेनदेन नहीं हो सका। किसी को पैसा जमा करना था तो किसी को पैसा निकालना था। साथ ही किसी को आरडी का पैसा जमा करना था। अधिकारी और कर्मचारी हलाकान रहे। अधिकारियों का जवाब था कि सर्वर ऊपर से ही गायब हैै। हम लोग क्या कर सकते हैं। सर्वर में आई खराबी से डाकघरों में लेनदेन को पहुंचे करीब डेढ़ लाख खाताधारकों को बैरंग घरों को लौटना पड़ा।
पता होता तो न आती पैसा निकालने
शहर के देवानंदपुर की रहने वाली पार्वती देवी के पति का निधन हो चुका है। पार्वती प्रधान डाकघर में जमा पैसा निकालने गई थी। पांच घंटे तक डाकघर में रहकर इंतजार करती रही कि सर्वर आ जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बाद में पार्वती को घर लौटना पड़ा। इसको लेकर पार्वती में नाराजगी थी। शहर के मलिकमऊ कॉलोनी की रहने वाली 75 वर्षीय उर्मिला अपने पोते सनी के साथ पैसा निकालने के लिए प्रधान डाकघर पहुंची थी। पैसा ना निकलने पर निराश थी और कहा कि पता होता कि सर्वर नहीं आएगा तो डाकघर न आती। चलने-फिरने में लाचर होने के कारण आने-जाने में दिक्कत होती है।
इलाज के लिए चाहिए थे पैसा, वापस लौटी
इटावा का रहने वाला शिव कुुमार अपनी नानी के घर सलोन आया था। वह नानी को लेकर शहर स्थित प्रधान डाकघर पैसा निकालने पहुंचा था। नानी की तबियत खराब थी तो उसे इलाज के लिए पैसे की जरूरत थी। सर्वर न होने से वापस लौटना पड़ा। शहर के त्रिपुला चौराहा निवासी रविंद्र श्रीवास्तव को 20 हजार रुपये की जरूरत थी। पैसा निकालने के लिए डाकघर पहुंचे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। इस पर वह बेहद खफा थे।
ऊपर से ही खराब है सर्वर
सिर्फ जिला मुख्यालय स्थित प्रधान डाकघर नहीं, बल्कि पूरे जिले के उप डाकघरों में सर्वर न होने की वजह से कामकाज नहीं हो सका। सर्वर ऊपर से ही खराब था। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया। कामकाज न होने से खाताधारकों को घरों को लौटना पड़ा। धीरेंद्र मिश्रा, पोस्ट मास्टर, प्रधान डाकघर, घंटाघर
जल्द दूर होगी समस्या
डाकघरों में लेनदेन करने आने वाले खाताधारकों को बेहतर सुविधा दी जाती है। मेरे पास रायबरेली के अलावा बाराबंकी जिले का भी चार्ज है। जानकारी हुई थी कि सर्वर गायब रहने से कामकाज डाकघरों में ठप रहा। इस बारे में उच्चाधिकारियों को सूचित करा दिया गया है। जल्द सर्वर की समस्या दूर हो जाएगी। -भोलानाथ मिश्रा, कार्यवाहक डाक अधीक्षक