रायबरेली। जिले में 22 हजार निजी नलकूप उपभोक्ताओं को अलग फीडर से सीमित बिजली देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में 28 फीडर बनाए जाएंगे। नलकूपों के लिए अलग से फीडर बन जाने से गांवों को 24 घंटे बिजली देने का रास्ता साफ हो जाएगा। इन फीडरों को बनाने का काम चल रहा है। फीडर बनाने का काम रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) से कराया जाएगा।
प्रदेश सरकार नलकूप के कनेक्शन पर किसानों को मुफ्त बिजली दे रही है। इसके साथ ही गांवों को 24 घंटे बिजली देने की तैयारी है। अभी तक नलकूप और गांवों को बिजली एक ही फीडरों से मिलती है। जितनी बिजली गांवों को मिल रही है, उतनी नलकूपों को मिल दी जा रही है। धान की रोपाई के समय बिजली की मांग इतनी बढ़ जाती है कि फीडर ओवरलोड हो जाते हैं। इस समस्या को देखते हुए नलकूप उपभोक्ताओं को अलग फीडर से बिजली दी जाएगी। हर उपकेंद्र पर एक या दो फीडर बनाए जा रहे हैं।
नहीं हो सकेगा बिजली का दुरुपयोग
नलकूप उपभोक्ताओं को गांवों की अपेक्षा सीमित बिजली दी जाएगी, ताकि वह उस बिजली का सही उपयोग करके फसलों की सिंचाई कर सकें। मौजूदा समय में किसान खुद सिंचाई करने के साथ दूसरों के खेतों की सिंचाई करते हैं। इससे एक ओर जहां अधिक जल दोहन होता है, वहीं बिजली भी अधिक खर्च होती है। यही वजह है कि अलग फीडर से उन्हें सीमित बिजली दी जाएगी।
फीडरों का चल रहा निर्माण
किसानों को नलकूप के लिए सीमित बिजली देने के लिए अलग से फीडरों का निर्माण कराया जा रहा है। इन फीडरों के बन जाने से गांवों को 24 घंटे बिजली देने का रास्ता साफ हो जाएगा। जल्द ही सभी फीडरों से बिजली आपूर्ति शुरू कराई जाएगी।
-मुकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल द्वितीय