अब तक महज 55 हजार किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। ऐसे में कृषि विभाग की ओर से बीज उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें छूट मिलती है, जिसका फायदा सभी किसान नहीं उठा पाएंगे।
जिले में लगभग तीन लाख 85 हजार किसान है। शासन की ओर से तय किया गया है कि पंजीकरण कराने वाले किसानों को ही रबी की फसल में छूट पर बीज का लाभ दिया जाए।
इस बार रबी की फसल में गेहूं, चना, मटर आदि फसलों का बीज शासन की ओर से जिले को उपलब्ध करा दिया गया है, पर बिना पंजीकरण के किसानों को छूट के बीज का लाभ इस बार नहीं मिल पाएगा।
कृषि विभाग के अफसरों के मुताबिक 55 हजार किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। तीन लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण नहीं कराया है और अंतिम तिथि समाप्त हो गई है।
ऐसे में उन्हें छूट के बीज के लाभ से वंचित रहना पड़ेगा। यदि शासन की ओर से पंजीकरण की तिथि बढ़ा दी जाती है तो किसानों को जरूर लाभ मिल सकेगा।
वैसे भी सिंचाई संकट के कारण रबी की फसल का कार्य कछुआ गति से चल रहा है। ऐसे में अब छूट बीज का लाभ न मिलने से किसानों को और परेशानी उठानी पड़ेगी।
अफसरों के मुताबिक शासन की ओर से गेहूं का रेट प्रति किलो 30 रुपये है। इसमें 14 रुपये की छूट किसानों को मिलेगी। इसी तरह दलहनी के बीजों में अलग-अलग सब्सिडी दी गई है।
किसानों को मिलने वाली इस सब्सिडी का लाभ किसानों के खातों में भेजा जाएगा, ताकि बिचौलिये कोई गड़बड़ न कर सकें।
जिला कृषि अधिकारी सतीश पांडेय ने बताया कि पंजीकरण कराने वाले किसानों को ही इस बार छूट पर मिलने वाले बीज का लाभ मिलेगा। 55 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है।
शासन की ओर से पंजीकरण कराने की तिथि 15 नवंबर तय की गई थी, जो समाप्त हो गई है। यदि शासन से पंजीकरण की तिथि नहीं बढ़ाई गई तो अन्य किसानों को छूट का लाभ नहीं मिल पाएगा।