रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर शहर में अवैध भवनों में संचालित सात बड़े प्रतिष्ठानों की सीलिंग की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है। प्रतिष्ठान संचालकों ने प्रार्थनापत्र देकर भवनों का नक्शा पास कराने का अनुरोध किया है। इस पर अंतिम चेतावनी देकर सीलिंग को रोक दिया गया। 32 और बड़े प्रतिष्ठानों को भी चिन्हित कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
रायबरेली विकास प्राधिकरण की सचिव ने बटोही रिसॉर्ट, स्वागत गेस्ट हाउस, गणेश स्वीट्स, प्रताप प्लाजा, आशीर्वाद होटल, हांडा शोरूम और गणेश पैराडाइज के भवनों को सील करने का आदेश दिया था। सीलिंग आदेश के बाद भवनों व प्रतिष्ठानों के संचालकों ने आरडीए पहुंचकर अवैध भवन को वैध कराने का प्रार्थनापत्र दिया है। इनमें से तीन संचालकों ने नक्शा व पत्रावली तैयार करके आरडीए में जमा भी कर दी है। सचिव ने संबंधित अवर अभियंताओं को भवनों को वैध करने की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए।
उधर, लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर 32 और अवैध भवनों को चिन्हित किया गया है। इन भवनों के संचालकों को नोटिस देकर सीलिंग की प्रक्रिया शुरू कराई गई है। जल्द ही भवनों को वैध न कराने पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। आरडीए की सचिव अमृता सिंह ने बताया कि प्रतिष्ठान संचालकों ने भवनों को वैध कराने का अनुरोध किया है। इसी कारण सीलिंग की प्रक्रिया को स्थगित किया गया है। भवनों के वैध न होने पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।