रायबरेली। ऊंचाहार तहसील में सरकारी भूमि के खेल का बड़ा कारनामा उजागर हुआ है। एसडीएम न्यायिक ने सेवानिवृत होने से पहले एक व्यक्ति के नाम ग्रामसभा की 15 बीघे जमीन कर दी। मामला शासन स्तर तक पहुंचा तो प्रमुख सचिव ने सेवानिवृत एसडीएम के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। अनुशासनिक कार्रवाई के लिए लखनऊ के मंडलायुक्त को जांच अधिकारी नामित किया है।
ऊंचाहार में तैनात रहे एसडीएम न्यायिक ऊंचाहार कमलेश कुमार बीती 31 मई 2025 को सेवानिवृत हो गए थे। सेवानिवृत होने से पहले उन्होंने बड़ा करनामा कर डाला। तहसील के उसरैना ग्राम पंचायत में सरकारी भूमि को एक ही व्यक्ति के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा दिया। सेवानिवृत एसडीएम ने उसरैना गांव सभा की 3.9742 हेक्टेयर भूमि अब्दुल सलाम पुत्र अब्दुल रउफ के नाम कर दिया। जल्दबाजी में खतौनी में भी उसका नाम भी दर्ज करा दिया।
एसडीएम के सेवानिवृत होने के बाद मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आया। डीएम ने बीती एक अप्रैल को सेवानिवृत एसडीएम के खिलाफ शासन को लिखापढ़ी कर उनके कारनामे की जानकारी दी। सेवानिवृत एसडीएम ने यह कारनामा ग्राम पंचायत की भूमि का नया खाता बनाकर किया था। मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रमुख सचिव एम देवराज ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए मंडलायुक्त लखनऊ को जांच अधिकारी नामित किया है।
मामले में डीएम को आरोप पत्र गठित कर साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के आदेश दिए, जिससे सेवानिवृत एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।