रायबरेली। होली की छुट्टी के बाद से ही बंद चल रहे स्कूल-कॉलेज करीब सात माह बाद सोमवार को खुल गए। कक्षा 9 से 12 तक भौतिक रूप से कक्षाओं में पठन-पाठन दो पालियों में शुरू हुआ। सहमति पत्र लेकर आए छात्र-छात्राओं को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया गया।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए गोल निशान बनाए गए। कक्षा में सीट तय कर दी गई। मास्क और सैनिटाइजर पर विशेष ध्यान दिया गया। बोर्ड परीक्षा जैसा माहौल और सख्ती विद्यालयों में नजर आई।
डीआईओएस डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने बताया कि पहले दिन लगभग 27 फीसदी उपस्थिति रही। यह खुशी की बात है कि बच्चों में भी जागरूकता है। सभी जगह दिशा-निर्देशों का पालन किया गया।
डलमऊ प्रतिनिधि के मुताबिक न्यू आदर्श शिक्षा निकेतन में प्रधानाचार्य राकेश यादव ने अपनी देखरेख में सारी व्यवस्था कराई। पहली पाली में 104 और दूसरी पाली में 265 बच्चे उपस्थित रहे। शांति मनोहर इंटर कॉलेज में बच्चे काफी उत्साहित दिखे।
प्रबंधक संदीप चौधरी ने बताया कि पहला दिन होने से बच्चों की उपस्थिति बहुत ज्यादा नहीं रही। हरचंदपुर प्रतिनिधि के मुताबिक बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गंगागंज में प्रधानाध्यापिका सुनीता सिंह की देखरेख में कक्षाएं शुरू कराई गईं।
सरेनी प्रतिनिधि के मुताबिक सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज लखनापुर में प्रधानाचार्य दिव्या मिश्रा ने बताया कि प्रथम पाली में 70, दूसरी पाली में 65 बच्चे उपस्थित रहे। एसएम सिंह इंटर कॉलेज, लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज, जनता विद्यालय इंटर कॉलेज पूरेपांडे में चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था रही।
खीरों प्रतिनिधि के मुताबिक न्यू सरस्वती इंटर कॉलेज, श्री दुर्गा इंटर कॉलेज, ममता बालिका इंटर कॉलेज में मुख्य द्वार पर सहमति पत्र देखकर बच्चों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया गया। पहली पाली में कुछ बच्चे दूसरी पाली के आए थे, जिन्हें दूसरी पाली में ही आने की बात कहकर लौटा दिया गया।
शिवगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक श्री बरखंडी विद्यापीठ इंटर कॉलेज, श्री शिव कुमार त्रिवेदी कैरियर प्लस इंटर कॉलेज, न्यू पब्लिक एकेडमी इंटर कॉलेज, जनता इंटर कॉलेज व श्री उमा शिव मनोरमा देवी बालिका इंटर कॉलेज में व्यवस्थित ढंग से कक्षाएं शुरू करा दी गईं।
डीह प्रतिनिधि के मुताबिक जीआईसी में 15 बच्चे ही स्कूल पहुंचे। प्रधानाचार्य केशव कुमार ने बताया कि 170 अभिभावकों ने सहमति पत्र दिए हैं। बछरावां प्रतिनिधि के मुताबिक एसजेएस पब्लिक स्कूल, जीपीसीएल पब्लिक इंटर कॉलेज, श्री गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज व जीजीआईसी समेत अन्य सभी स्कूलों में दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कक्षाएं शुरू हुईं।
पहला दिन होने से उपस्थिति कम रही। सलोन प्रतिनिधि के मुताबिक सर्वोदय विद्यापीठ इंटर कॉलेज में 15, सिटीजन पब्लिक स्कूल में 51, पटेल शिक्षा सदन इंटर कॉलेज लहुरेपुर में 37, कान्ह शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज करहिया बाजार में 30 बच्चे उपस्थित रहे।
प्रधानाचार्य अमित भारती ने बताया कि उन्हें कक्षाएं सुचारु रूप से शुरू करा दी गई हैं। विद्यालय खुलने का समय 8.50 बजे तय था, लेकिन जिलेभर के माध्यमिक विद्यालयों में सुबह 8 बजे से निरीक्षण शुरू हो गया।
शासन से नामित विशेष सचिव उदय भानु त्रिपाठी ने गांधी इंटर कॉलेज, जीजीआईसी, जनपद इंटर कॉलेज, एसजेएस पब्लिक स्कूल, बैसवारा इंटर कॉलेज व वैदिक इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। एडीएम व एसडीएम समेत कई प्रशासनिक अफसरों ने भी निरीक्षण किए।
डीआईओएस डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने सदर, लालगंज एवं महराजगंज तहसील क्षेत्र के 13 विद्यालयों में जायजा लिया। तहसील स्तर पर गठित की गई विभागीय टीमों ने भी निरीक्षण किए। पहले दिन 115 विद्यालयों का निरीक्षण कराकर व्यवस्था परखी गई।
जिन विद्यालयों ने बसें संचालित कर रखी हैं, उन्हें भी विशेष तौर से निर्देश दिए गए थे कि वाहनों में सभी संसाधन उपलब्ध रहने चाहिए। बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बैठाया जाए। निरीक्षण के दौरान स्कूली बसों को भी चेक किया गया।
अफसरों के निर्देश का पालन करते हुए विद्यालयों ने बसों को व्यवस्थित कर लिया था। दोनों शिफ्टों में बच्चों को लाने के बाद और ले जाने से पहले वाहन को सैनिटाइज किया। शहर में ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में भी स्कूली वाहनों पर दिशा-निर्देशों का पालन देखने को मिला।
राना बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज शंकरपुर में सहमति पत्र, मास्क, सैनिटाइजर के बाद प्रवेश दिया गया। कई छात्र-छात्राओं को सहमति पत्र न होने के कारण गेट से ही लौटा दिया गया, जिससे वे लोग मायूस नजर आए।
प्रधानाचार्य देवीशंकर वर्मा ने बताया कि कक्षा नौ में 30 और कक्षा 10 में 25 बच्चे उपस्थित रहे। सहमति पत्र के बारे में सभी को बता दिया था, फिर भी कुछ बच्चे बिना सहमति पत्र विद्यालय आए तो उन्हें घर वापस भेज दिया गया।
छात्रा रिमी मिश्रा, काजल, शिवानी, छात्र पंकज ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई से ज्यादा फायदा नहीं मिल रहा था। कक्षाएं शुरू होने से मदद मिलेगी। सरेनी के लखनापुर में आठ बच्चों को सहमति पत्र न होने के कारण लौटना पड़ा।
काफी अरसे बाद स्कूली बच्चों की चहलकदमी सड़कों पर नजर आई। परशदेपुर क्षेत्र में मुख्य मार्गों पर पीठ पर बस्ता लादे स्कूली ड्रेस में बच्चे पहले की तरह विद्यालय जाते और फिर लौटते दिखे। यही हाल अन्य क्षेत्रों में भी दिखा।
कहीं विद्यालयों में बच्चों की लाइन लगी रही तो कहीं गिने-चुने बच्चे पहुंचे या फिर शिक्षक इंतजार करते रह गए। सलोन क्षेत्र के भारत भारती विद्यालय, ज्योति पब्लिक स्कूल, अंबिका सिंह स्मारक बालिका इंटर कॉलेज, श्री लक्ष्मेश्वर विद्या मंदिर रग्घूपुर, विकास शिक्षा निकेतन केशवापुर, शांति विद्या निकेतन पारी समेत कई विद्यालयों में बच्चे नहीं पहुंचे। अभिभावकों ने सहमति पत्र दे रखे थे, लेकिन बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।