जिले में बुधवार को कोहरे के साथ-साथ शीतलहर व गलन के कारण कड़ाके की ठंड ने फिर लोगों को बेहाल कर दिया। कोहरे के चलते वाहन रेंगते हुए चले। दोपहर के वक्त धूप निकली, फिर भी लोगों में सर्दी का अहसास कम नहीं हुआ।
खासकर बच्चों को ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा। शीतलहर के चलते जिलाधिकारी ने कक्षा आठ तक के स्कूल 21 तक के लिए और बंद कर दिए गए हैं। दो दिनों से धूप निकलने से सर्दी से कुछ राहत लोगों को मिली थी, लेकिन बुधवार सुबह अचानक फिर मौसम का मिजाज बदल गया।
दोपहर तक कोहरे छाया रहा। शीतलहर और गलन भरी सर्दी से लोग ठिठुर गए। लोगों ने सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया। कई दिन की छुट्टी के बाद स्कूल खुले। इससे बच्चों को ठिठुरते हुए स्कूल जाने में परेशानी हुई। दोपहर बाद मौसम साफ हुआ और धुंध छंटने के बाद धूप निकल आई।
इससे घरों के अंदर कैद लोग बाहर निकले और धूप सेंक कर सर्दी से राहत पाने का प्रयास किया। गलन की वजह से धूप निकलने के बाद भी ठंड रही। कोहरे की वजह से आवागमन प्रभावित रहा और धुंध छंटने के बाद यातायात पटरी पर आया, लेकिन शाम को फिर धुंध छा गई।
डीआईओएस राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि डीएम अनुज कुमार झा के निर्देश पर शीतलहर के कारण कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक की कक्षाएं 19, 20 और 21 तक स्थगित रहेंगी। कक्षा नौ से कक्षा 12 तक की कक्षाएं सुबह 10 बजे से अपराह्न तीन बजे तक संचालित होंगी।
निर्वाचन कार्य की महत्ता को देखते हुए विद्यालय के सभी शिक्षक अपने स्कूलों में अनिवार्य रूप से उपस्थिति रहेंगे। इसमें लापरवाही पर कार्रवाई होगी। कड़ाके की ठंड में मुसाफिरों को परेशानी झेलनी पड़ी। सर्दी में ठिठुरते हुए ट्रेेनों का इंतजार करना पड़ा।
गंगा गोमती एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस अन्य ट्रेनें घंटों लेट रही। खासकर हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल 11 घंटे और अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल चार घंटे लेट रही। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।