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Raebareli News: 89 विद्यालयों के 15 हजार बच्चों पर मंडरा रहा करंट का खतरा

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रायबरेली। जिले के 89 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 15 हजार बच्चों की जान पर हर समय खतरा बना रहता है। कारण, स्कूल भवनों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन के तार जर्जर होकर लटक रहे हैं। अगर तार टूटकर अगर भवनों पर गिरे तो बड़ा हादसा हो सकता है।
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गुरुवार को बाराबंकी में एचटी लाइन का तार टूटने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। यह खबर सुनकर अभिभावकों को भी ऐसे स्कूलों में पढ़ रहे नौनिहाल की चिंता सताने लगी है। अधिकारी हादसे से सबक न लेकर सिर्फ कागजी कार्रवाई कर अपनी गर्दन बचा रहे हैं।
डीह में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है। आवासीय विद्यालय होने की वजह से यहां 100 छात्राएं और ज्यादातर स्टाफ हर समय रहता है। यहां भी एचटी लाइन के तार लटक रहे हैं।
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वहीं 52 प्राथमिक विद्यालय, 23 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 13 कंपोजिट विद्यालय भी शामिल हैं। प्राइमरी में कक्षा-एक से पांच तक, उच्च प्राथमिक में कक्षा छह से आठ तक और कंपोजिट में कक्षा-एक से आठ तक के बच्चे पढ़ते हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने 2 सितंबर को पावर कॉर्पोरेशन के सात अधिशासी अभियंताओं को पत्र भेजकर विद्यालयों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन को हटाने के निर्देश दिए थे। ऐसे स्कूलों की सूची भी दी थी।
तीन माह गुजर जाने के बाद भी इस मामले में कुछ नहीं हुआ। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बीईओ ने 89 विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराई थी। यह सूची पावर कॉर्पोरेशन को भेजी जा चुकी है। बिजली लाइन हटवाने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है।
सर्वे रिपोर्ट आने के बाद बनाएंगे इस्टीमेट : एसई
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के संबंध में पत्र मिला है। जिन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी होने की जानकारी दी गई है, उनका सर्वे कराने के निर्देश संबंधित अधिशासी अभियंताओं को दिए हैं। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद इस्टीमेट तैयार किया जाएगा। इसके बाद लाइन शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
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-वाईएन राम, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन
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