रायबरेली। करीब 11 महीने बाद प्राथमिक विद्यालयों और जूनियर हाईस्कूलों में बच्चों की रौनक दिखेगी। शासन ने 10 फरवरी से कक्षा छह से आठ तक और एक मार्च से कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं संचालित करने की अनुमति दे दी है। शासन के इस फैसले से स्कूल संचालकों में खुशी है और वे तैयारियों में जुट गए हैं। कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन कराते हुए कक्षाएं संचालित किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए मार्च 2020 में लॉकडाउन लगाया गया था, जिससे स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए थे। शिक्षण कार्य बाधित न होने पाए, इसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई के साथ ही अन्य विकल्प अपनाए गए। इससे पठन-पाठन में कई तरह की समस्याएं भी सामने आई।
जैसे-जैसे स्थितियां सामान्य होने लगी, धीरे-धीरे छूट मिलने लगी। अक्तूबर 2020 में माध्यमिक विद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू करा दी गई। इससे प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के खुलने की उम्मीद भी जगी। प्राइवेट विद्यालयों के संचालक लगातार विद्यालय खोले जाने की मांग करते रहे।
अब अपर मुख्य सचिव की ओर से शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कक्षा छह से आठ तक के बच्चों का शिक्षण कार्य 10 फरवरी से और कक्षा एक से पांच तक के बच्चों का शिक्षण कार्य 1 मार्च से शुरू किया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि स्कूलों में बच्चों को बुलाए जाने के संबंध में आदेश मिल गया है। जूनियर हाईस्कूलों में 10 फरवरी से और प्राइमरी स्कूलों में 1 मार्च से बच्चों को आने की अनुमति दी गई है। परिषदीय विद्यालयों में अध्यापक जुलाई से ही उपस्थित हो रहे हैं।