रायबरेली। जर्जर स्कूलों को ध्वस्त कराने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए जिले में 178 विद्यालयों की सूची तैयार की गई है। जर्जर विद्यालयों को तोड़ने के बाद यहां की निर्माण सामग्री की नीलामी कराई जानी है।
जिले में 178 जर्जर विद्यालयों की सूची तैयार की गई, जिस पर डीएम ने अनुमोदन कर दिया। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इन विद्यालयों का आकलन पांच लाख रुपये या इससे कम किया गया है।
जिला समन्वयक (निर्माण) सत्यम वर्मा ने बताया कि जिले के 11 विकास क्षेत्रों महराजगंज, रोहनिया, सलोन, शिवगढ़, बछरावां, ऊंचाहार, जगतपुर, खीरों, लालगंज, सरेनी और डलमऊ के 178 जर्जर विद्यालयों की नीलामी कराई जानी है। इनमें ज्यादातर विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें एक-दो कमरे ही जर्जर हैं। ये कमरे काफी पुराने बने थे, जिनके स्थान पर नए कक्ष बनाए चुके थे। इनमें से कोई विद्यालय बंद नहीं किया गया है।