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मध्याह्न भोजन के लिए 12 हजार कुंतल राशन आवंटित

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रायबरेली। परिषदीय विद्यालयों में खाना न बनवाना महंगा पड़ सकता है। ग्रीष्मावकाश के बाद पहली जुलाई से सभी स्कूलों में एमडीएम की रसोई में खाना बन सके, इसके लिए हर हाल में 30 जून तक अनाज पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
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इसीलिए अनाज की उठान संबंधी प्रक्रिया जून महीने की शुरुआत में ही पूरी कर ली गई थी। जुलाई से सितंबर महीने तक का 12 हजार क्विंटल से अधिक अनाज (गेहूं और चावल) का आवंटन हो चुका है।
जिसकी किसी भी दशा में 30 जून तक उठान करवाना है, जिससे हर स्कूल में पहली जुलाई से खाना बन सके और बच्चों को परोसा जा सके। जिले में मध्याह्न भोजन योजना से 2705 विद्यालय आच्छादित हैं।
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जिनमें नामांकित ढाई लाख से अधिक बच्चे इस योजना से लाभान्वित होते हैं। ग्रीष्मावकाश के बाद पहली जुलाई से स्कूल खुल रहे हैं, इसलिए जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का अनाज एक साथ आवंटित कर दिया गया है।
इसमें प्राथमिक विद्यालय के लिए 2514.570 क्विंटल गेहूं और 4881.210 क्विंटल चावल आवंटित किया गया है, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए 1060 क्विंटल गेहूं और 3154.510 क्विंटल चावल आवंटित हुआ है।
इस तरह से 4139.530 क्विंटल गेहूं और 7935.720 क्विंटल चावल (कुल 12175.350 क्विंटल अनाज) का आवंटन जिले के सभी विद्यालयों को कर दिया गया है।
एमडीएम के जिला समन्वयक विनय कुमार तिवारी ने बताया कि क्विंटल आवंटन की प्रक्रिया 4 जून को शुरू कर दी गई थी। सैंपलिंग की काम भी पूरा कर लिया गया है। 23 से 30 जून तक उठान करने की तिथि तय की गई है।
हर हाल में 30 जून तक उठान कराकर विद्यालयों तक अनाज पहुंचा देना है, ताकि सभी स्कूलों में एमडीएम की रसोई में चूल्हा जल सके और बच्चों को भोजन परोसा जा सके।
बीएसए पीएन सिंह ने बताया कि पहली जुलाई से ही हर स्कूल में शैक्षिक वातावरण सृजन के पूरे प्रयास किए जाएंगे। अनाज की उठान हर हाल में 30 जून तक हो जाएगी, ताकि पहली जुलाई से सभी स्कूलों में नियमित भोजन बन सके और बच्चों को परोसा जा सके।
इससे बच्चों की उपस्थिति और ठहराव में इजाफा होगा। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई तो पहली जुलाई से होगी, लेकिन इन विद्यालयों के ताले 25 जुलाई से खुल जाएंगे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पीएन सिंह ने कहा है कि 25 से 30 जून विद्यालय की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। लंबे समय तक स्कूल बंद रहने से काफी गंदगी फैली होगी। इसीलिए विद्यालय खोलकर साफ-सफाई करा दें।
स्कूलों के हैंडपंप भी क्रियाशील नहीं होंगे। इसलिए उन्हें भी दुरुस्त कराएं। बीएसए ने इस संबंध में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण और जल निगम को भी पत्र भेजा है, ताकि साफ-सफाई कराने और हैंडपंपों को दुरुस्त कराने में पूरा सहयोग किया जा सके।
30 जून तक हर हाल में स्कूलों में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पहली जुलाई से स्कूल खुलने पर छात्र-छात्राओं को कोई असुविधा न होने पाए।
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