रायबरेली। जिले में डिग्री संस्थाओं की मनमानी का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भोगना पड़ रहा है। अब तक मास्टर डाटा ऑनलाइन न किए जाने के कारण छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
जिले में 100 संस्थाओं में मात्र 19 ने ही अब तक डाटा ऑनलाइन किया है। 81 संस्थाओं की मनमानी का खामियाजा करीब 25 हजार छात्र-छात्राओं को भोगना पड़ रहा है। मामले में समाज कल्याण अधिकारी ने संस्थाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि तत्काल मास्टर डाटा ऑनलाइन करवाएं।
यदि छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिलने में समस्या आती है तो इसके लिए वे ही जिम्मेदार होंगे। समाज कल्याण विभाग के पटल सहायक आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए जिले में 100 डिग्री संस्थाओं को कोर्स फीस और सीटों का मास्टर डाटा ऑनलाइन करना है।
जब तक संस्थाओं से डाटा ऑनलाइन नहीं होगा, तब तक छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते हैं। हकीकत यह है कि 06 जुलाई से संस्थाओं को मास्टर डाटा ऑनलाइन करने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन अब तक मात्र 19 संस्थाओं ने ही डाटा को ऑनलाइन किया है।
81 संस्थाओं ने अब तक मास्टर डाटा ऑनलाइन नहीं किया है। इससे छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। मामले में समाज कल्याण अधिकारी ने सभी संस्थाओं के संचालकों को चेतावनी दी है। सभी को तत्काल मास्टर डाटा अनलोड कराने के आदेश दिए हैं।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कभी भी साइट बंद हो सकती है। ऐसी दशा में जिन संस्थाओं का मास्टर डाटा ऑनलाइन होगा, उन्हीं संस्थाओं के बच्चे ही छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। यदि छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति में समस्या आती है तो इसके लिए संस्थाएं स्वयं जिम्मेदार होंगी।
जिले में 100 डिग्री संस्थाओं को 06 जुलाई से ही मास्टर डाटा ऑनलाइन करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अब तक मात्र 19 संस्थाओं ने ही डाटा ऑनलाइन कराया है। ऐसे में सभी को तत्काल डाटा ऑनलाइन कराने के आदेश दिए गए हैं।- सुनीता सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी