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स्कूली बैगों की सप्लाई में घपला, जांच के आदेश

Fri, 11 Aug 2017 11:26 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
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जिला अस्पताल का निरीक्षण करते खेल, युवा कल्याण एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अपर मुख्य सचिव मो. इफ्तिखारूद्दीन। - फोटो : अमर उजाला
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खेल, युवा कल्याण एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं जिले के नोडल अधिकारी मो. इफ्तिखारुद्दीन ने शुक्रवार को न सिर्फ विकास कार्यों की पड़ताल की, बल्कि कई जगहों का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यों के प्रति की जा रही मनमानी खुलकर सामने आई। जिले के दौरे के दूसरे दिन सबसे पहले अपर मुख्य सचिव ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के दौरान टेलीमेडिसिन सेंटर को देखा। इसके बाद वार्डों का निरीक्षण किया। चद्दरें साफ न होने पर सीएमएस को फटकार लगाई। रोगी विमलेश कुमार से स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जाना। इसके बाद महिला जिला अस्पताल में चल रहे केएमसी यूनिट में भर्ती बच्चों को देखा। कंगारू मदर यूनिट में भर्ती जच्चा अनीता से सुविधाओं के बारे में जाना।

इसके बाद अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय पहुंचे। पहुंचते ही उन्हें कार्यालय में अव्यवस्था दिखी। पान की पीक दीवारों पर थी। इस पर बीएसए संजय कुमार शुक्ला को चेतावनी दी, लेकिन डीएम अभय सिंह ने उनके यहां जल्द ज्वाइन करने की बात कहकर अपर मुख्य सचिव को शांत कराया।
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इसके बाद उन्होेंने बीएसए के दफ्तर में बैठकर ड्रेस वितरण की हकीकत जानी। साफ कहा कि ड्रेसों की नाप सही हो। बीआरसी केंद्रों में हुई बैगों की सप्लाई में गड़बड़झाला किए जाने की बात सामने आई। इस पर उन्होंने इसकी जांच कराने के निर्देश दिए। कहा कि अगर बैगों की क्वालिटी खराब है तो इसकी रिपोर्ट दी जाए।

अपर मुख्य सचिव ने सदर तहसील का जायजा लिया। यहां पर भू-अभिलेखागार को देखा, जहां पर फीडिंग न होने पर नाराजगी जताई। खतौनी लेने के लिए आए लोगों से बात की तो लोगों ने जनसुविधा केंद्रों पर पचास रुपये लिए जाने की शिकायत की। उन्होंने इसकी जांच कराने के लिए डीएम को कहा।

मलिकमऊ आइमा के अरविंद ने शिकायत करते हुए कहा कि 15 जुलाई को अमलदरामद के लिए आदेश हो चुका है। बावजूद अभी तक कुछ नहीं हुआ। उन्होंने डीएम व एसडीएम से कहा कि इसे देखो। यह ठीक नहीं। समय पर अमलदरामद होनी चाहिए। जो लेखपाल हो उसके विरुद्ध कार्रवाई करो। बकाएदारों की सूची न लगी होने पर भी नाराजगी जताई।

नायब तहसीलदारों द्वारा मुकदमों के निस्तारण में बरती जा रही लापरवाही पर भी फटकार लगाई। तहसील निरीक्षण के दौरान वे पूर्व अधिकारियों की ओर से किए निरीक्षणों की रिपोर्ट मांगी पर कोई भी अधिकारी इस पर कुछ बोला ही नहीं। अंत में अधिकारियों ने दूसरी बात कह कर इस मामले को टाल दिया।
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