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गुजरात और पंजाब से आए 43 संदिग्ध श्रमिकों के सैंपल सील

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रायबरेली। गुजरात और पंजाब प्रांत में कोरोना का खतरा तेजी से बढ़ने के बाद ट्रेनों ये यहां आए 43 प्रवासी श्रमिकों के सैंपल सील किए गए हैं। अब तक जिले में 10 ट्रेनों से 13408 प्रवासी श्रमिक यहां आ चुके हैं। इसमें करीब पांच हजार श्रमिक जिले के ही रहने वाले हैं। सभी श्रमिकों को बसों के माध्यम से उनके घरों को भेजा गया है।
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06 मई से ट्रेनों से प्रवासी श्रमिकों के यहां आने का सिलसिला शुरू हुआ है। पंजाब, लुधियाना, अहमदाबाद, गुजरात, जालंधर आदि स्थानों से अब तक 10 ट्रेनों यहां रेलवे स्टेशन पर आ चुकी हैं। ट्रेनों से रायबरेली के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के 13408 प्रवासी श्रमिक यहां लाए गए। स्टेशन पर पहुंचने के बाद श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। जांच के बाद ही उन्हें बसों से घर भेजा गया।
इसमें 43 लोगों में कोरोना की जांच के लिए सैंपल एसजीपीजीआई लखनऊ भेजा गया है। पंजाब के जालंधर से एक ट्रेन गुरुवार तड़के 1239 श्रमिकों को लेकर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। ये सभी श्रमिक जिले के ही रहने वाले हैं। रात में ही सभी की जांच कराई गई। जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को रोडवेज की बसों से उनके घरों में भेजा गया।
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सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा ने बताया कि ट्रेनों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग व अन्य जांच के बाद भी उन्हें घर भेजा जा रहा है। अब तक 43 लोगो के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। सभी को होम क्वारंटीन कराया गया है। निगरानी समितियों को गांवों में उन पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। वहीं एसपी के निर्देश पर जगतपुर चौराहा पर कोतवाली पुलिस द्वारा खोले गए प्याऊ व सहायता केंद्र में गुरुवार को 50 से अधिक प्रवासी मजदूरों की सहायता की गई।
प्रवासी मजदूर जयपुर व अन्य स्थानों से अपने परिवार के साथ पैदल ही अपने घर बिहार जा रहे थे। जगतपुर पुलिस ने सभी को रोककर बताशा और पानी पिलाने के बाद भोजन की व्यवस्था कराई। बाद में ट्रक से सभी को बिहार के लिए रवाना कराया। कोतवाली प्रभारी हरिशंकर प्रजापति ने बताया कि एसपी के निर्देशन में यह कार्य किया जा रहा है। इस कार्य में क्षेत्र के लोगों का भी अच्छा सहयोग मिल रहा है। केंद्र की जिम्मेदारी वरिष्ठ उप निरीक्षक कमलेश सिंह, पंकज त्रिपाठी और विनय कुमार शुक्ला को सौपी गई है। यह केंद्र लगातार संचालित रहेगा।
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