रायबरेली। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की कमी को गंभीरता से लिया गया है। बोर्ड परीक्षा में निगरानी के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी की वजह से बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को बतौर कक्ष निरीक्षक ड्यूटी पर लगाया गया, लेकिन ज्यादातर शिक्षक ड्यूटी नहीं कर रहे हैं।
इसीलिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से ऐसे शिक्षकों की सूची तलब की गई। सलोन और राही के खंड शिक्षा अधिकारियों ने 10 शिक्षकों की सूची भेजी, जिस पर शनिवार को बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने इन सभी शिक्षकों का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए रोक दिया। राजकीय इंटर कॉलेज में ड्यूटी पर लगाए गए आठ शिक्षकों ने परीक्षा में योगदान नहीं दिया है।
इस बाबत केंद्र व्यवस्थापक ने ऐसे शिक्षकों की सूची भेजी है, जिसमें पूर्व माध्यमिक विद्यालय कलंदरपुर की सहायक अध्यापिका वंदना श्रीवास्तव, प्राथमिक विद्यालय मईदीन की सहायक अध्यापिका समीक्षा अग्रवाल, पूर्व माध्यमिक विद्यालय राही की सहायक अध्यापक राजरानी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरायं दामो की सहायक अध्यापिका मंजूलता, प्राथमिक विद्यालय राही की सहायक अध्यापिका रेखा सिंह, पूर्व माध्यमिक विद्यालय जगदीशपुर की सहायक अध्यापिका निर्मला मिश्रा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिनोहरा की सहायक अध्यापिका शेफाली सिंह और प्राथमिक विद्यालय सनही की सहायक अध्यापिका स्वाती सिंह शामिल हैं।
बीएसए ने इन सभी शिक्षिकाओं का वेतन रोकते हुए तीन दिन के भीतर बीईओ के माध्यम से स्पष्टीकरण देने को कहा है। इसी तरह सलोन के बीईओ वीएन प्रजापति ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय चक नेकनामपुर की सहायक अध्यापिका नफीस फात्मा और प्राथमिक विद्यालय आशिकाबाद की सहायक अध्यापिका खुशनुमा बेगम की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाई गई थी, लेकिन दोनों ने परीक्षा केंद्र पर योगदान नहीं दिया।
इन दोनों शिक्षिकाओं का वेतन रोकते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। बीएसए ने एक अन्य आदेश में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को फरमान जारी किया है कि विभाग के शिक्षकों की ड्यूटी परीक्षा केंद्रों में लगाई गई थी, लेकिन उपस्थिति दर्ज नहीं कराई जा रही है। इसे डीएम ने गंभीरता से लिया है।
ऐसे में सभी बीईओ यह सुनिश्चित करें कि बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में लगे सभी शिक्षक विद्यालय से कार्यमुक्त किए जाएं और उन्हें परीक्षा केंद्रों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए जाएं। ऐसा न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करें। विषम परिस्थिति में बीईओ जिम्मेदार माने जाएंगे।
परिवार के विद्यालय में ड्यूटी कर रहा हेडमास्टर, कार्यमुक्त
डलमऊ। डलमऊ विकास क्षेत्र के किसान इंटर कॉलेज बड़ेरवा में बेसिक शिक्षा विभाग के एक ऐसे शिक्षक को ड्यूटी पर लगाया गया, जो कि उसी विद्यालय के प्रबंधन के परिवार से जुड़ा है। सेटिंग-गेटिंग के चलते कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी जरूर लगवाई गई, लेकिन यह शिक्षक पूरे परीक्षा केंद्र में घूमता रहता रहा है।
परीक्षा के चौथे दिन इस शिक्षक को हटाया गया। डलमऊ के बीईओ विश्वनाथ प्रजापति ने शनिवार को आदेश जारी करते हुए इस शिक्षक को बोर्ड परीक्षा ड्यूटी से हटा दिया। उन्होंने अपने आदेश में कहा कि प्राथमिक विद्यालय दरिगापुर के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार यादव की ड्यूटी किसान इंटर कालेज बड़ेरवा में लगाई गई थी।
आज शिकायत मिली कि संतोष के परिवारीजन के प्रबंधन में बड़ेरवा कॉलेज संचालित है। ऐसे में संतोष का कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी करना उचित नहीं है। इसलिए प्रधानाध्यापक संतोष को बोर्ड परीक्षा ड्यूटी से मुक्त करते हुए वापस अपने मूल विद्यालय में नियमित उपस्थिति देनी होगी।
एक-एक कक्ष निरीक्षक के सहारे हो रही परीक्षा
परशदेपुर। ज्ञान भारती इंटर कॉलेज में शिक्षकों की टोटा है, जिससे हर कमरे में महज एक-एक कक्ष निरीक्षक ही तैनात किए जा रहे हैं। केंद्र व्यवस्थापक राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कक्ष निरीक्षक की कमी है। 17 कमरों में पेपर हो रहे हैं। हर कमरे में दो-दो कक्ष निरीक्षक लगने चाहिए, लेकिन मजबूरी में एक-एक कक्ष निरीक्षक लगाना पड़ रहा है।
इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। परीक्षा केंद्र में 41 शिक्षकों की ड्यूटी लगी है, लेकिन 18 शिक्षक ही ड्यूटी कर रहे हैं। शनिवार को सुबह हुई परीक्षा में अंग्रेजी के पेपर में 449 पंजीकृत परीक्षार्थियों में 409 उपस्थित और 40 अनुपस्थित रहे।