बछरावां । सई नदी में उफान से बछरावां क्षेत्र के लगभग डेढ़ दर्जन गांव पानी से घिर गए गए हैं। बाढ़ का पानी भर जाने से रायबरेली और उन्नाव का संपर्क भी टूट गया है। सई नदी के पानी ने बछरावां तथा उन्नाव जिले के सीमावर्ती गांवों के लोग दहशत में हैं। बढ़ते जलस्तर से सैकड़ो बीघा फसल पानी में डूब गई है।
सई नदी के बढ़ते जलस्तर से परेशान कंजेश्वर धाम से जुड़े गांव लोहरा मऊ की रहने वाली ज्ञानवती ने बताया कि उसके तीन मवेशी पानी के तेज बहाव में आकर बह गए। संपर्क मार्गों पर दो-दो फीट पानी भर जाने से आवागमन दुश्ववार हो गया है। मजबूरी में लोगों को घरों में ही रहना पड़ रहा है।लोहरा मऊ निवासी छात्र शिवा , राजू, मयंक ने बताया कि राजामऊ गांव स्थित इंटर कॉलेज में पानी भरने के कारण एक सप्ताह से पठन पाठन का काम पूरी तरह से ठप है।
क्षेत्र का बरचंदा गांव चारों तरफ पानी से घिर चुका है। इसी तरह सिकंदर खेड़ा ,कुरी, मदा खेड़ा मैनाहारकटरा , कंजेश्वर, मुसाही खेड़ा, सिकंदरपुर खेड़ा, उदरहरा , कालूखेड़ा, सिंघन खेड़ा गांव में नदी का पानी भरने से विषैले जंतुओं ने गांव की ओर रुख कर दिया है। जिले की सीमावर्ती गांव में स्थित प्रसिद्ध भंवरेश्वर मंदिर के पास में भी सई नदी का पानी सीढ़ी तक पानी भर गया है। इसके बावजूद प्रशासन ने बचाव व राहत का कोई भी काम अभी तक शुरू नहीं किया है। एसडीएम आयुष अग्रवाल ने बताया कि सई नदी में अचानक आए उफान से परेशानी बढ़ी है। ग्रामीणों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।