बछरावां क्षेत्र के बरचंदा गांव के पास सई नदी उफनाने से आने-जाने वाले रास्ते में भरा पानी।
बछरावां। बरचंदा गांव के पास सई नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 200 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। गांव के आने-जाने वाले रास्तों पर पानी भरने से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। गांव देखने में उन्नाव जिले का हिस्सा लगता है, लेकिन सरकारी अभिलेखों में यह बछरावां विकासखंड में दर्ज है।
ग्रामीण बाबूलाल, कुलदीप, सर्वेश, लवकुश और दिलीप यादव ने बताया कि पहले गांव सई नदी के बछरावां क्षेत्र की ओर था। एक बार आई बाढ़ में नदी ने अपना रास्ता बदल लिया, जिसके बाद गांव नदी के दूसरे छोर यानी उन्नाव की तरफ हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद से गांव विकास कार्यों से दूर है।
ग्रामीणों के मुताबिक, नदी के उफान से किसानों की सैकड़ों बीघा तैयार धान की फसल डूब गई है। इससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। आशीष त्यागी, अंशु त्यागी, कृष्णपाल और देवी दयाल ने बताया कि धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। रास्तों पर घुटने तक पानी भरा होने से बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है। बाजार आने-जाने में भी ग्रामीणों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
देवी मिस्त्री, नेपाल लोधी, हेमराज, नाथ, सोनू सिंह, हरिप्रसाद, रामनरेश और रमेश ने प्रशासन से समस्या से राहत दिलाने की मांग की है। उप जिलाधिकारी आयुष अग्रवाल ने बताया कि टीम भेजकर स्थिति की जांच कराई जाएगी।
बछरावां क्षेत्र के बरचंदा गांव के पास सई नदी उफनाने से आने-जाने वाले रास्ते में भरा पानी।