रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण करती दिल्ली से आई टीम।
रायबरेली। उत्तर रेलवे के दिल्ली मुख्यालय से आई टीम ने बृहस्पतिवार को शहर के रेलवे स्टेशन का तीन घंटे तक मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर में संरक्षा संबंधी हर एक पहलू को देखा और उनके मानकों को परखा। परिचालन से जुड़े स्टाफ से सवाल भी पूछे, ताकि पता चल सके कि संरक्षा नियमों की जानकारी है या नहीं। यात्री सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। टीम ने कहा कि ट्रेनों के संचालन में संरक्षा मानकों को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए संरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है।
मुख्य परिचालन प्रबंधक (सामान्य) आशीष भाटिया के नेतृत्व में सड़क मार्ग से आई टीम ने स्टेशन परिसर के चप्पे-चप्पे का मुआयना किया। तीन घंटे तक चले निरीक्षण में लखनऊ मंडल के अधिकारियों के साथ कई यातायात निरीक्षक (संरक्षा) भी शामिल रहे। इन सभी ने अलग-अलग हिस्से में जाकर संरक्षा मानकों को परखा। दिल्ली से आए मुख्य परिचालन प्रबंधक ने पहले तो प्लेटफॉर्म पर टहल कर व्यवस्थाएं देखीं, फिर पैदल पुल से पूरे स्टेशन परिसर का जायजा लिया।
स्टेशन मास्टर कक्ष (पावर केबिन) में काफी देर तक सभी उपकरणों का बारीकी से मुआयना किया। कार्यरत स्टाफ से संरक्षा नियम संबंधी सवाल भी पूछे। इसके बाद पूरे स्टेशन परिसर में उन सभी स्थलों का जायजा लिया, जहां संरक्षा संबंधी उपकरण लगे हैं। निरीक्षण के दौरान परिचालन स्टाफ मुस्तैद दिखे। इसके बाद टीम लखनऊ लौट गई।