प्रदर्शनकारियों ने प्रधान और सदस्य पद के प्रत्याशियों के परचे फाड़ कर जला दिए। अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सभी ने एलान किया कि जब तक गांव की समस्याएं दूर नहीं होंगी तो मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से गांव में विकास नहीं कराया गया है।
ग्राम प्रधान से लेकर जिले के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रामस्वरूप, राम नरेश यादव ने बताया कि बारिश में गांव में जलभराव हो जाता है। आने-जाने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं है।
गांव में लगा राजकीय नलकूप कभी नहीं चला। गंगा प्रसाद ने बताया कि ग्रामीणों को विद्युतीकरण योजना का लाभ नहीं मिला। बिंदाचरण ने कहा कि गांव में प्राथमिक व जूनियर विद्यालय होते हुए भी शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त है।
शिक्षक कभी कभार आते हैं। रामपुर राजस्व गांव होते हुए भी पंचायत चुनाव में बूथ नहीं बनाया गया। जबकि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बूथ बनाया जाता है।
अभी तक पात्रों को पेंशन व किसानों को फसल बर्बादी का मुआवजा नहीं मिला है। वहीं एसडीएम लालगंज दिलीप कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मतदान के लिए प्रेरित किया जाएगा। चुनाव के बाद सभी समस्याओं का निदान कराने का प्रयास किया जाएगा।