रायबरेली। जगतपुर के बिछौरा मजरे झरहा गांव में संदिग्ध हालत में किसान की मौत से परिवार के लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। पीएनबी बैंक के प्रबंधक और कर्मचारियों के खिलाफ सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने जगतपुर-डलमऊ मार्ग पर जाम लगा गया। इससे तीन घंटे तक यातायात व्यवस्था ठप रही।
किसान के परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि ऋण वसूली का बैंक के प्रबंधक और कर्मचारियों ने दबाव बनाया था, जिस कारण किसान की हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। मामले की जानकारी मिलते ही सीओ डलमऊ और तीन थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। सीओ ने परिवार के लोगों से आधा घंटे तक बातचीत की और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। मामले में किसान के बेटे ने पीएनबी के प्रबंधक, फील्ड ऑफिसर के साथ पड़ोस के गांव के मां-बेटे के खिलाफ तहरीर दी है।
जगतपुर के बिछौरा मजरे झरहा गांव निवासी किसान सुरेश (56) पुत्र अयोध्या की बृहस्पतिवार शाम को हालत बिगड़ गई। परिवार के लोग उनको सीएचसी जगतपुर लेकर पहुंचे, जहां बीपी हाई होने के बाद चिकित्सकों ने उनको जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से परिवार के लोग किसान को घर लेकर आ गए। रात करीब दो बजे के करीब किसान की मौत हो गई।
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे जगतपुर-डलमऊ तिराहा पर विश्वनाथगंज के पास शव को रखकर सड़क पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लाइन लग गई। भारी वाहन भी जाम में फंसे रहे। मामले की जानकारी मिलते ही सीओ डलमऊ गिरिजा शंकर त्रिपाठी, थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्यागी मौके पर पहुंचे। साथ ही गदागंज, ऊंचाहार, जगतपुर और डलमऊ पुलिस फोर्स भी मौके पर आई। इसके बाद परिवार के सदस्यों से बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई।
सीओ गिरिजा शंकर त्रिपाठी के सामने किसान की पत्नी फूलमती ने आरोप लगाया कि उनके पति का खाता पंजाब नेशनल बैंक जगतपुर में है, जहां बैंक अधिकारियों ने कथित रूप से जालसाजी कर उनके नाम पर लोन कर दिया। आरोप है कि धोखे से चेक पर हस्ताक्षर कराकर पैसा किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद ऋण वसूली का दबाव बनाया जा रहा था। इस पर सीओ ने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। साथ ही परिवार के लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देने के साथ सरकारी मदद की बात कही। इस पर ग्रामीण और परिवार के लोग जाम हटाने को राजी हो गए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मामले में किसान के बेटे अमित कुमार पटेल ने पीएनबी बैंक प्रबंधक, फील्ड ऑफिसर व अलावलपुर गांव के रहने वाले मां-बेटे के खिलाफ तहरीर दी है। सीओ डलमऊ गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। उसके बाद प्राथमिकी दर्ज होगी।
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किसान ने पांच लाख का लिया था मुद्रा लोन
किसान सुरेश की पत्नी फूलमती का कहना है कि बैंक के अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा कर उनके पति के नाम बैंक का लोन करा दिया और पैसा दूसरे के खाते में स्थानांतरित करा दिया। वहीं पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक जितेंद्र यादव का कहना है कि किसान ने पांच लाख का मुद्रा लोन 2024 में लिया था। किसान हर माह ब्याज की किस्त जमा नहीं करता था। मैं और बैंक का कोई कर्मचारी किसान से लोन को चुकाने की बात करने घर नहीं गया। मेरे पास फुटेज है जो साबित करता है कि बैंक की तरफ से कोई भी कर्मचारी किसान के घर पर नहीं गया।
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मां बेटे पर लगाया गया आरोप
किसान की मौत के मामले में ग्राम अलावलपुर के रहने वाले मां-बेटे पर भी आरोप लगाया गया है। सूत्र बताते हैं कि किसान ने कुछ पैसा लिया था, जिसकी जानकारी परिवार के लोगों को भी है। किसान बैंक लोन के साथ बाहर से लिए कर्ज से परेशान चल रहे थे। किसान की मौत से बेटे हितेंद्र, अमित कुमार, पत्नी फूलमती और बेटी रो-रोकर बेहाल रहे।