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स्कूल कक्ष में गिरा छत का प्लास्टर

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प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर में एक कक्षा में बिखरा पड़ा छत से गिरे प्लास्टर का मलबा। - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। परिषदीय विद्यालयों की हालत सुधारने के लिए कायाकल्प के तहत ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। काम भी हो रहा है, लेकिन गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गुरुवार को उस समय सामने आया, जब अमावां विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर में छत का प्लास्टर एक कमरे में गुरुजी की टेबल और बच्चों की बेंच पर गिरा। गनीमत रही कि कक्षा में कोई भी नहीं था। सभी बच्चे और अध्यापक बरामदे में चल रहे जूता-मोजा वितरण कार्यक्रम में बैठे थे। प्लास्टर गिरने से हुई तेज आवाज से हड़कंप मच गया। काफी बच्चे भागकर घरों को लौट गए। अब मामले में विकास विभाग और शिक्षा विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी मढ़ने में लगा हुआ है।
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प्लास्टर गिरने की घटना सुबह लगभग 11 बजे अमावां ब्लॉक क्षेत्र के पहाड़पुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में घटी। इसी विद्यालय में कायाकल्प योजना के तहत काफी काम कराया गया है। यह भी कहा जा रहा है कि छत का प्लास्टर भी बनवाया गया था, लेकिन मानकों की अनदेखी की वजह से छत का प्लास्टर टूटकर गिर गया। घटना के समय कमरे में कोई नहीं था। अगर क्लास चल रही होती तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी। प्रधानाध्यापक सुशील कुमार भारद्वाज ने बताया कि विद्यालय में 63 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें से 40 बच्चे आए थे। कुछ देर पहले तक कमरे में क्लास चल रही थी।
जैसे ही बच्चों को जूता-मोजा वितरण के लिए बरामदे में लाया गया, अचानक छत का प्लास्टर टूटकर गुरुजी की टेबल और बच्चों की बेंच पर गिरा, तेज धड़ाम की आवाज आई। इससे हड़कंप मच गया। यदि कुछ देर पहले कमरे का प्लास्टर टूट कर गिरता तो शायद बच्चों को चोट लग सकती थी। इसी वर्ष विद्यालय में कायाकल्प के तहत काम भी हुआ है। सहायक अध्यापक मंजू सोनकर और शिक्षामित्र रेनू ने बताया कि अचानक घटी इस घटना से बच्चे दहशत में आ गए, जिससे कई बच्चे तो बस्ता लेकर घर भाग गए।
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विद्यालय की छत का प्लास्टर गिरने के मामले में हर कोई खुद को बचाने में लगा है। ग्राम प्रधान मथुरा प्रसाद यादव का कहना है कि कायाकल्प के तहत सौंदर्यीकरण का कार्य हुआ था, छत का काम नहीं करवाया गया था। प्लास्टर पुराना होने की वजह से गिर गया होगा। अमावां के खंड विकास अधिकारी राजेश बहादुर सिंह ने कहा कि उन्हें अभी कोई जानकारी नहीं है। पूरा मामला क्या है, इसका पता लगाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार कनौजिया ने किा कि प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर में कायाकल्प के तहत काम हुआ था, लेकिन वहां अचानक छत का प्लास्टर ढह गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए हेडमास्टर से आख्या मांगी गई। बीडीओ को पत्र लिखा जाएगा, ताकि मामले की जांच कराई जा सके और जिम्मेदारी लोगों पर कार्रवाई हो सके।
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